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असम में सात 'चरमपंथी' मारे गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम में सेना के साथ हुई एक मुठभेड़ में कम से कम सात 'इस्लामी चरमपंथी' मारे गए हैं. सेना के प्रवक्ता राजेश कालिया के मुताबिक़ मुठभेड़ की ये घटना शुक्रवार को पश्चिमी असम के धुबरी ज़िले के बंसबारी गाँव में घटी. सेना के प्रवक्ता का कहना था कि 21वीं जाट रेजिमेंट नें संदिग्ध चरमपंथियों के अड्डे को घेर लेने के बाद उनसे कहा कि वे अपने को सेना के हवाले कर दें लेकिन जवाब में चरमपंथियों ने सेना पर गोलीबारी शुरू कर दी. राजेश कालिया के मुताबिक़ संदिग्ध चरमपंथियों की गोलीबारी के बाद सेना ने उनके अड्डे पर धावा बोल दिया जिसमें सात चरमपंथी मारे गए. मुठभेड़ दो घंटे तक चली. उन्होने बताया कि सेना ने मुठभेड़ के बाद दो किलोग्राम विस्फोटक और छह पिस्तौल बरामद किए हैं. ' हूजी का हाथ' सेना के प्रवक्ता के अनुसार मारे गए कथित चरमपंथियों का संबंध बांग्लादेश के इस्लामी चरमपंथी संगठन हरकत उल जेहाद-ए-इस्लामी यानी 'हूजी' से हो सकता है. राजेश कालिया का कहना था, " हमें बंसबारी इलाक़े में हूजी चरमपंथियों की गतिविधियों की सूचना मिली और ये ऑपरेशन पुख़्ता जानकारी के बाद किया गया है." ग़ौरतलब है कि भारत में हाल के वर्षो में होने वाले अधिकतर बम धमाकों के लिए हूजी को ज़िम्मेदार ठहराया जाता रहा है. ख़ुफिया जानकारियों के अनुसार कथित चरमपंथी असम को दूसरे राज्यों में संदिग्ध गतिविधियों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं हालाँकि यह पहली बार है कि किसी तथाकथित हूजी चरमपंथियों के समूह के साथ असम में मुठभेड़ हुई हो. | इससे जुड़ी ख़बरें असम धमाके में 22 लोग घायल18 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस पाँच साल में भारत के बड़े धमाके26 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस पूर्वोत्तर में कई जगह विस्फोट, 18 घायल08 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस सीआरपीएफ़ के सात जवान मारे गए02 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस सीमावर्ती लोग सीखेंगे हथियार चलाना15 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस अल्फ़ा का शीर्ष कमांडर गिरफ़्तार 01 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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