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अल्फ़ा का शीर्ष कमांडर गिरफ़्तार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम में पुलिस ने यूनाइटेड लिबरेशन फ़्रंट ऑफ असम यानी अल्फ़ा के एक शीर्ष अलगाववादी नेता को गिरफ़्तार किया है. अल्फ़ा की 28 वीं बटालियन के कमांडर प्रबल नियोग को सोमवार को पुलिस ने राज्य के उत्तरी शहर तेज़पुर से गिरफ़्तार किया. यह बटालियन अल्फ़ा का हिंसक गतिविधियों को मुख्य रूप से अंजाम देती है. वह तेल और गैस पाइपलाइनों में विस्फोटों के अलावा हिंदीभाषियों पर हमलों के लिए भी ज़िम्मेदार रही है. भारत सरकार और अल्फ़ा के बीच गत सितंबर में बातचीत टूट जाने के बाद से अलगाववादी हमलों में 150 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं. इनमें से अधिकतर हिंदीभाषी हैं. असम पुलिस के ख़ुफ़िया प्रमुख खगेन सरमा ने बीबीसी को बताया कि नियोग को उस समय गिरफ़्तार किया गया जब वह अपनी पत्नी के साथ यात्रा कर रहे थे. उनकी पत्नी भी अल्फ़ा की शीर्ष कार्यकर्ता हैं. सरमा ने बताया कि उन्हें सेना के शिविर के निकट नियोग की गतिविधियों के बारे में निश्चत जानकारी थी और वह एक सप्ताह से उनके पीछे लगे हुए थे. सरमा ने बताया कि नियोग असम में सबसे वांछित अलगाववादी थे और उनका गिरफ़्तारर होना एक बड़ी सफलता है. | इससे जुड़ी ख़बरें हिंदीभाषियों की हत्या के विरोध में बंद14 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस असम में हिंदीभाषी बने फिर निशाना12 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस असम में आठ हिंदीभाषियों की हत्या08 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस असम: हत्या के विरोध में हड़ताल 02 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस चाय बागानों के बेहाल बेबस मज़दूर 12 जून, 2007 | भारत और पड़ोस असम में तीन और हिंदीभाषियों की हत्या16 मई, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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