|
असम में पाँच अलगाववादी मारे गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम में सुरक्षाबलों और अलगाववादियों की बीच हुई भीषण गोलीबारी में पाँच संदिग्ध उल्फ़ा विद्रोही मारे गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि अलगाववादियों और सेना के बीच मुठभेड़ शनिवार की देर रात राज्य के नलबारी ज़िले में महिमा के जंगलों ने हुई. ये इलाक़ा भूटान की सीमा के क़रीब स्थित है. भारतीय सेना के प्रवक्ता कर्नल आर कालिया ने बताया, ''आधी रात से पहले विशेष गुप्त सूचना मिलने के बाद सेना और राज्य पुलिस ने यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ़ असम यानी उल्फ़ा के ठिकानों पर धावा बोल दिया.'' उन्होंने बाताया कि रात के अंधेरे में पुलिस और सेना ने अलगाववादियों के ठिकानों को घेर लिया, लेकिन उल्फ़ा विद्रोहियों को सुरक्षाक्रर्मियो के आने की सुगबुगाहट मिल गई और वे सचेत हो गए. गोलीबारी फिर अलगाववादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी. दोनों गुटो के बीच लगभग तीन घंटे तक गोलीबारी चलती रही. सेना के प्रवक्ता ने कहना है कि मारे गए अलगाववादियों के पास से एक रेडियो सेट सहित बड़ी संख्या में हथियार मिले हैं. कर्नल आर कालिया के अनुसार कई अलगाववादी फ़रार होने नें कामयाब हो गए. उधर असम के पड़ोसी राज्य मणिपूर में अर्धसैनिक बलों और पुलिस ने कई जगहों पर छापा मार कर पाँच अलगाववादियों और दो इस्लामी चरंमपंथियों को मार दिया है. मारे गए अलगाववादियो का संबंध कांगलिपैक कम्युनिस्ट पार्टी से है और इस संगठन ने हाल में इंफाल में हुए बम धमाकों की ज़िम्मेदारी ली है. इन धमाकों में 17 लोग मारे गए थे. | इससे जुड़ी ख़बरें बंदिश लगाने वाले अब खुद सीख रहे हैं हिंदी18 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस चार अल्फ़ा विद्रोही मारे गए16 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस अल्फ़ा के साथ मुठभेड़ में कैप्टन की मौत 28 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस असम पुलिस की फ़ायरिंग तीन मरे02 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस अल्फ़ा के 66 सदस्यों का आत्मसमर्पण01 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस उल्फ़ा के ख़िलाफ़ कार्रवाई में दो मारे गए07 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||