|
'असम के धमाके निंदनीय' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
केंद्र सरकार ने असम में हुए सिलसिलेवार धमाकों की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि धमाकों को अंजाम देने वालों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उधर भारतीय जनता पार्टी ने भी धमाकों की कड़ी निंदा की है और साथ ही कहा है कि केंद्र सरकार आतंकवाद से निपटने में असफल रही है. महाराष्ट्र में मौजूद गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने भी इन धमाकों की निंदा की है. बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा,'' केंद्र सरकार आतंवाद से निपटने में असफल रही है.असम में ये बात सामने आई है कि बांग्लादेश से बड़ी संख्या में घुसपैठिए आए हैं और इनका हाथ होने से इंकार नहीं किया जा सकता. इस पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए. '' केंद्रीय गृह राज्य मंत्री शकील अहमद ने संवाददाताओं से बातचीत में इन धमाकों पर गहरा दुख प्रकट करते हुए कहा कि इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी. उनका कहना था, '' असम में कुछ महीनों पहले सांप्रदायिक हिंसा हुई थी और उसके बाद से ही वहां काफ़ी तनाव का माहौल था. वहां जो अप्रवासी हैं उनको लेकर भी थोड़ा तनाव है. हमने इस बारे में असम सरकार को जानकारी भी थी और सुरक्षा उपाय के लिए कहा था. इन धमाकों के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई भी की जाएगी.'' कानपुर से केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा कि असम में अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों को भेजा गया है ताकि वहां स्थिति पर नियंत्रण किया जा सके. उनका कहना था, '' असम में उल्फ़ा जैसे संगठन हमेशा से सक्रिय रहे हैं और कुछ अन्य संगठन भी. हम उम्मीद करते हैं कि राज्य सरकार इस मामले की पूरी गंभीरता से जांच करेगी. '' असम में गुरुवार को गुवाहाटी और कई अन्य ज़िलों में कई धमाके हुए हैं. अभी तक यह साफ़ नहीं हुआ है कि इसके पीछे कौन से संगठन का हाथ है. इस बीच उत्तर पूर्व मामलों के मंत्री मणिशंकर अय्यर ने एक निजी टेलीविज़न चैनल से बातचीत में इन धमाकों पर गहरा दुख प्रकट किया और कहा कि लंबे समय में असम के विकास पर इसके गंभीर परिणाम होंगे. उनका कहना था, '' क़ानून व्यवस्था मेरे मंत्रालय के ज़िम्मे नहीं है लेकिन हम इस बात से चिंतित हैं कि ऐसे धमाकों का असल लंबे समय में पड़ता है. पिछले कुछ समय में असम ने काफ़ी विकास किया है लेकिन ये धमाके दुखद हैं. '' | इससे जुड़ी ख़बरें तेल चुराने की कोशिश में 16 मरे20 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस असम में हिंसा, 30 लोगों की मौत05 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस असम में हालात गंभीर, 35 लोगों की मौत06 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस असम में स्थिति गंभीर, 47 मरे07 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस असम: सड़क दुर्घटना में 23 लोग मारे गए14 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस बंदिश लगाने वाले अब खुद सीख रहे हैं हिंदी18 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस असम में पाँच अलगाववादी मारे गए26 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस असम में बाढ़, सड़क संपर्क टूटा29 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||