|
बिहारी युवक की मौत पर मतभेद गहराए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुंबई में पुलिस कार्रवाई में बिहार के एक हथियारबंद युवक की मौत का मामले पर बिहार और महाराष्ट्र के बीच राजनीतिक मतभेद गहराता जा रहा है. एक ओर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मारे गए युवक राहुल राज के पटना स्थित घर जाकर उसके पिता से मुलाक़ात की है और एक बार फिर पुलिस कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए घटना की सीबीआई और न्यायिक जाँच करवाने की माँग की है. दूसरी तरफ़ महाराष्ट्र में राज्य की कांग्रेस-एनसीपी सरकार के उपमुख्यमंत्री आर आर पाटिल के बाद अब विपक्षी हिंदूवादी दल शिवसेना ने सोमवार को हुई इस मुठभेड़ की प्रशंसा की है. शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' में मारे गए युवक की तुलना 'माफ़िया' से करते हुए पुलिस कार्रवाई का समर्थन किया है और लिखा है कि उसे 'बिहारी स्टाइल' में मार डाला गया. नीतिश पिता से मिले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को दिल्ली से लौटने के बाद पटना में राहुल राज के घर जाकर उसके पिता से मुलाक़ात कर अपनी संवेदना प्रकट की. इस दौरान राहुल के घर के बाहर नाराज़ लोगों की भीड़ जमा थी जो राहुल के मारे जाने और महाराष्ट्र में बाहरी लोगों के ख़िलाफ़ आंदोलन चलाए जाने का विरोध कर रहे थे. नीतीश कुमार ने बाद में पत्रकारों के सामने फिर कहा कि पुलिस ने संयम नहीं बरता और अगर वो चाहती तो राहुल की मौत को टाला जा सकता था. उन्होंने कहा कि बिहार सरकार और बिहार की जनता ये समझती है कि सच्चाई का पता लगाने के लिए सीबीआई से जाँच करवाना आवश्यक है. नीतीश कुमार ने कहा,"आख़िर एक देसी पिस्तौल लिया हुआ लड़का, जिसे आसानी से क़ाबू में किया जा सकता था, उसे पुलिस ने गोली क्यों मार दी? बिहार की जनता को ये जानने का पूरा अधिकार है." शिवसेना का समर्थन एक तरफ़ जहाँ बिहार सरकार और महाराष्ट्र सरकार के बीच पुलिस कार्रवाई को लेकर आलोचना और सराहना का द्वंद्व जारी है, उसी के बीच अब शिवसेना ने इस मुद्दे पर आक्रामक तेवर दिखाना शुरू किया है. शिवसेना ने ना केवल मुंबई पुलिस की कार्रवाई का समर्थन किया है बल्कि राहुल राज की तुलना माफ़िया से की है. पार्टी ने अपने मुखपत्र सामना में लिखा है,"राहुल राज ने जो किया वो बिहार के माफ़िया की बंदूक-संस्कृति को दर्शाता है." शिवसेना ने पुलिस की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने राहुल राज को मारकर बिल्कुल सही काम किया. सामना लिखता है,"मुंबई के बहादुर पुलिसवालों ने बिहारी माफ़िया के दहशतवाद को बिहारी स्टाइल में ही समाप्त कर दिया". घटना और जाँच
मुंबई में सोमवार की सुबह बिहार से आए एक युवक राहुल राज को पुलिस ने उस समय गोली चलाकर मार डाला जब वह पिस्तौल लेकर एक दोमंज़िला बस की ऊपरी मंज़िल पर सवार हो गया था. पुलिस के अनुसार उस युवक ने पहले कंडक्टर को पीटा और फिर गोली चलाकर एक यात्री को घायल भी कर डाला. पुलिस का कहना है कि उन्होंने पहले उस युवक को चेतावनी दी लेकिन उसके समर्पण नहीं करने पर उसे गोली मार दी गई. इस घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि उस युवक को मारने के बजाय उसे पक़ड़ने की कोशिश क्यों नहीं की गई. इस सिलसिले में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुआई में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार शाम दिल्ली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलकर युवक के मारे जाने और महाराष्ट्र में हाल के दिनों में उत्तर भारत से आए लोगों के ख़िलाफ़ जारी हिंसा पर असंतोष प्रकट किया. नीतीश कुमार ने दिल्ली में भी इस घटना की सीबीआई और न्यायिक जाँच की माँग की थी. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख ने इसके बाद इस घटना की जाँच मुख्य सचिव के नेतृत्व में एक समिति से करवाने की घोषणा की थी. मगर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री आर आर पाटिल ने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन किया है जिसपर भी बिहार के राजनेताओं ने आपत्ति जताई है. |
इससे जुड़ी ख़बरें 'देश की एकता और अखंडता को ख़तरा'27 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस पुलिस ने मुर्ग़ी पर तोप चला दी: नीतीश27 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस मुंबई में पुलिस की गोलीबारी पर सवाल27 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस मुंबई पुलिस की गोली से मारा गया युवक27 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस प्रधानमंत्री से मिलेंगे बिहार के नेता27 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस बिहार बंद का ख़ास असर नहीं25 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'उत्तर प्रदेश के लोगों की जागीर नहीं है महाराष्ट्र'22 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||