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मुंबई में पुलिस की गोलीबारी पर सवाल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुंबई में दिन-दहाड़े पुलिस की गोली से बिहार के एक लड़के के मारे जाने की घटना को लेकर मुंबई पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं. जहाँ पुलिस ने इसे जवाबी कार्रवाई बताया है, वहीं बिहार के कई नेताओं ने इस घटना की आलोचना की है. समाचार एजेंसी पीटीआई ने प्रधानमंत्री कार्यालय में अपने सूत्रों के हवाले से बताया है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री विलास राव देशमुख से बात की है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने घटना की न्यायिक जाँच की मांग की है. भारतीय जनता पार्टी ने भी घटना की जाँच की मांग की है. ये तीनों नेता पहले से ही तय कार्यक्रम के मुताबिक़ प्रधानमंत्री से मिलने गए. मुद्दा था महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों पर हो रहे हमले. लेकिन सोमवार को हुई घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इन नेताओं ने कहा कि मुंबई पुलिस इस मामले में बेहतर तरीक़े से निपट सकती थी. घटना सोमवार की सुबह बिहार के एक लड़के राहुल राज ने बेस्ट की बस में पहले तो कंडक्टर को देसी पिस्तौल से डराया और फिर गोलियाँ भी चलाईं. इस घटना के बाद बस रोक दी गई और फिर पुलिस टीम मौक़े पर पहुँच गई. मुंबई पुलिस का दावा है कि राहुल राज को हथियार डालने को कहा गया लेकिन उसने पुलिसकर्मियों पर गोली चलाई. पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की जिसमें राहुल बुरी तरह घायल हो गया और फिर उसकी मौत हो गई. सोमवार सुबह से दिल्ली में मौजूद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री से मिलने से पहले इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा- पुलिस ने मुर्ग़ी पर तोप चला दी. उन्होंने कहा कि वीडियो फ़ुटेज से यही लगता है कि उस लड़के को गिरफ़्तार करने की कोशिश करनी चाहिए थी. लेकिन महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री आरआर पाटिल ने पुलिस कार्रवाई का बचाव किया और कहा कि किसी को भी ख़ुलेआम गोली चलाने की छूट नहीं दी जा सकती. उन्होंने कहा कि पुलिस ने अपना कर्तव्य सही से निभाया है और किसी को भी अपने हाथ में क़ानून लेने की छूट नहीं दी जा सकती. विरोध प्रधानमंत्री से मुलाक़ात के बाद नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव और राम विलास पासवान ने मुंबई पुलिस पर सवाल खड़ा किया.
नीतीश कुमार ने कहा, "पुलिस उस लड़के को गिरफ़्तार करने की कोशिश कर सकती थी. उसके हाथ पर गोली मारी जा सकती थी. लड़के को जान से मारने की आवश्यकता नहीं थी." दूसरी ओर लालू प्रसाद यादव ने इसे नृशंस हत्या की संज्ञा दी और कहा कि उस लड़के को किसी पर गोली चलाते नहीं देखा गया. भारतीय जनता पार्टी ने भी इस घटना की न्यायिक जाँच की मांग की है. पार्टी प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने कहा, "मुंबई पुलिस को इस मामले में संयम दिखाने की आवश्यकता थी. बिहार के एक बेरोज़गार को गोली मारने की घटना की जाँच होनी चाहिए." उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि इस लड़के की मौत पर बिहार में तनाव बढ़ सकता है. दूसरी ओर मुंबई पुलिस के आयुक्त हसन गफ़ूर ने बीबीसी के साथ बातचीत में कहा, "पुलिस ने पहले राहुल राज को चेतावनी दी थी और हथियार डालने को कहा था लेकिन उसने ऐसा नहीं किया." उन्होंने कहा कि अगर पुलिस कार्रवाई नहीं करती तो राहुल राज लोगों की जान ले सकता था. | इससे जुड़ी ख़बरें पुलिस ने मुर्ग़ी पर तोप चला दी: नीतीश27 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस मुंबई पुलिस की गोली से मारा गया युवक27 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस राज ठाकरे के वकील जौनपुर के26 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस बिहार बंद का ख़ास असर नहीं25 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस मुंबई में हमलों पर प्रधानमंत्री से मुलाक़ात23 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस राज ठाकरे को अंतरिम ज़मानत मिली22 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस मुंबई से पटना लौटे छात्रों की दास्ताँ22 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'उत्तर प्रदेश के लोगों की जागीर नहीं है महाराष्ट्र'22 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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