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'भारत झेल सकता है वित्तीय बवंडर' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि देश का आर्थिक आधार और बैंकिंग व्यवस्था मज़बूत हैं इसलिए दुनिया भर में जो वित्तीय संकट चल रहा है उसे भारत झेल लेगा. उन्होने स्वीकार किया कि बाज़ार में पैसे की कमी है और दुनिया में आए वित्तीय बवंडर की लहरें भारतीय अर्थव्यवस्था तक पहुँच रही हैं. लेकिन उन्होने विश्वास दिलाया कि भारतीय रिज़र्व बैंक और क़दम उठाने को तैयार है जिससे आवश्यकता के अनुसार पैसा बाज़ार में लाया जा सके. भारतीय समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए चिदंबरम ने कहा कि हमें इस तूफ़ान का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए. भरोसा उन्होने कहा, "मुझे विश्वास है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मज़बूत है और इसका मुक़ाबला कर सकती है और मैं अर्थव्यवस्था के सभी पक्षों से आग्रह करता हूं कि वो सरकार के साथ सहयोग करें." भारत के वित्तमंत्री ने कहा कि जिनके पास धन है वो उसमें से कुछ ख़र्च करें और कुछ बचाएँ. बैंकों में जमा धनराशि पूरी तरह सुरक्षित है. उन्होंने कहा कि भारतीय बैंकों का नियमन अच्छी तरह होता है और उनके पास पर्याप्त धन भी है. पी चिदंबरम ने कहा कि जिन लोगों को अपना व्यापार चलाने के लिए धन चाहिए उन्हे परेशानी अवश्य उठानी पड़ रही है लेकिन बाज़ार में बहुत पैसा डाला गया है. बैंको में जमा राशि के विषय में वित्तमंत्री ने कहा, "किसी जमाकर्ता को चिंता करने की ज़रूरत नहीं है. लेकिन अगर आप निवेशक हैं तो आपको सोच समझकर निर्णय करना चाहिए. किसी भी निवेशक को जल्दी में या घबराहट में कोई निर्णय करने की ज़रूरत नहीं है." उन्होने कहा कि अब से लेकर 25 अक्तूबर तक सीआरआर में कटौती, उर्वरकों में सब्सिडी, राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी योजनाओं और ऋण माफ़ करने के लिए बैंक को किए गए भुगतान के ज़रिए और पैसा बाज़ार में आएगा. | इससे जुड़ी ख़बरें 'मिल-जुलकर संकट से निपटेंगे'11 अक्तूबर, 2008 | कारोबार औद्योगिक विकास की दर धराशाई10 अक्तूबर, 2008 | कारोबार विश्व व्यापार संगठन में निर्णायक बातचीत21 जुलाई, 2008 | पहला पन्ना अमरीकाः आर्थिक पैकेज पर सहमति नहीं26 सितंबर, 2008 | पहला पन्ना प्रयासों के बावजूद बाज़ार में अशांति29 सितंबर, 2008 | पहला पन्ना 'नाजुक दौर में है अमरीकी अर्थव्यवस्था'30 सितंबर, 2008 | पहला पन्ना आर्थिक मंदी ने ली एक परिवार की जान07 अक्तूबर, 2008 | पहला पन्ना वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार नहीं12 अप्रैल, 2008 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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