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'नाजुक दौर में है अमरीकी अर्थव्यवस्था' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने चेतावनी दी है कि अमरीकी अर्थव्यवस्था अत्यंत 'नाजुक दौर' में है और इसे बचाने की सरकार की योजना को पारित करना ही होगा. उल्लेखनीय है कि सरकार ने अमरीकी अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए 700 अरब डॉलर के जिस पैकेज का प्रस्ताव रखा था उसे प्रतिनिधि सभा ने पारित नहीं कराया जा सका है. राष्ट्रपति बुश का कहना था कि इस पैकेज को पारित नहीं करने के परिणाम बहुत ही 'दुखद और दूरगामी' होंगे. राष्ट्रपति के इस बयान के बाद न्यूयॉर्क स्टॉक मार्केट में थोड़ी तेज़ी देखी गई है. सोमवार को डाउ जोंस की स्थिति अत्यंत खराब थी लेकिन मंगलवार को स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ है. पिछले एक महीने में अमरीका की कई बड़ी कंपनियों के दिवालिया होने या बिक जाने से उपजे संकट का असर अब विश्व स्तर पर दिखने लगा है और लोग इसकी तुलना 1930 में आए भयंकर डिप्रेशन के समय से करने लगे हैं. यूरोपीय संघ ने भी अमरीका से अपील की है कि वो इस संकट से उबरने के लिए जल्दी कदम उठाए. 'गंभीर स्थिति' राष्ट्रपति बुश ने व्हाइट हाउस में अपने बयान में कहा, ' हम गंभीर स्थिति में हैं और अगर हम अभी कुछ नहीं करेंगे तो परिणाम बहुत ही ख़राब हो सकते हैं. ' उनका कहना था कि सरकार को अर्थव्यवस्था के लिए कोई न कोई फ़ैसला करना ही होगा. बुश का कहना था, 'अमरीका के समक्ष मुक्त बाज़ार और सरकारी कार्रवाई के बीच कुछ चुनने का विकल्प नहीं है. हमें कार्रवाई करनी ही होगी. ' उधर राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार जॉन मैक्केन का कहना था कि वो प्रतिनिधि सभा में दोनों पार्टियों के रवैए से वो निराश हैं. डेमोक्रेट पार्टी के उम्मीदवार बराक ओबामा ने कहा कि अमरीका को कार्रवाई करनी होगी क्योंकि अमरीका सोमवार जैसा दूसरा दिन देखना नहीं चाहता है. बीबीसी संवाददाता जैमी कुमारस्वामी का कहना है कि प्रतिनिधि के पैकेज को पारित न करने के बाद राष्ट्रपति और राष्ट्रपति पद के दोनों उम्मीदवारों पर नेतृत्व प्रदान करने का बहुत अधिक दबाव है. इस बीच प्रतिनिधि सभा में पैकेज पारित नहीं होने के लिए दोनों पार्टियां रिपब्लिकन और डेमोक्रेट पार्टियां एक दूसरे पर दोषारोपण कर रही हैं. सदन में वोटिंग के दौरान रिपब्लिकन पार्टी के 133 और डेमोक्रेट पार्टी के 95 सांसदों ने पैकेज के विरोध में मत दिया था. | इससे जुड़ी ख़बरें वित्तीय बाज़ारों में अनिश्चितता का दौर22 सितंबर, 2008 | कारोबार आर्थिक पैकेज को लेकर कांग्रेस में विरोध 24 सितंबर, 2008 | कारोबार आर्थिक पैकेज को लेकर बुश आशान्वित26 सितंबर, 2008 | कारोबार बुश का आर्थिक पैकेज नामंज़ूर29 सितंबर, 2008 | कारोबार सूचकांक ने 506 अंकों का गोता खाया29 सितंबर, 2008 | कारोबार शेयर बाज़ारों ने गोता लगाया30 सितंबर, 2008 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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