|
'पाकिस्तान से भी समझौता करे अमरीका' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के साथ हुए परमाणु समझौते की तर्ज पर पाकिस्तान ने भी अमरीका से असैनिक परमाणु समझौता करने की मांग की है. बुधवार रात अमरीकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट ने भारत-अमरीकी परमाणु समझौते को हरी झंडी दे दी. इसके साथ ही पिछले तीन दशक से भारत के परमाणु व्यापार पर लगी रोक भी ख़त्म हो जाएगी. इस्लामाबाद में पत्रकारों से बातचीत में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गीलानी ने कहा, "अब पाकिस्तान को भी ये अधिकार है कि वह अमरीका के साथ असैनिक परमाणु समझौते की मांग करे. हम किसी तरह का भेदभाव नहीं चाहते." उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भी परमाणु समझौते के लिए कोशिश करेगा. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि अमरीका को उनके लिए भी जगह बनानी पड़ेगी. विरोध पाकिस्तान भारत की तरह ही परमाणु शक्ति संपन्न देश है और वो काफ़ी पहले से भारत और अमरीका के बीच परमाणु समझौते का विरोध करता रहा है. इस समझौते का विरोध करने वालों का कहना है कि भारत और अमरीका के बीच परमाणु समझौते से एशिया में हथियारों की दौड़ शुरू हो जाएगी. पाकिस्तान पहले भी भारत-अमरीका परमाणु समझौते पर अपनी आपत्ति व्यक्त कर चुका है. पाकिस्तान का आरोप है कि इस समझौते से भारत बेरोकटोक अपना परमाणु हथियार कार्यक्रम जारी रख सकता है. पाकिस्तान का तर्क है कि अगर परमाणु अप्रसार का लक्ष्य हासिल किया जाना है तो अमरीका को भारत के साथ-साथ पाकिस्तान से भी परमाणु समझौता करना चाहिए. भारत और पाकिस्तान दोनों ने अभी तक परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें परमाणु समझौते को सीनेट की हरी झंडी02 अक्तूबर, 2008 | पहला पन्ना 'देश की संप्रभुता के साथ समझौता'02 अक्तूबर, 2008 | पहला पन्ना परमाणु समझौते का सफ़र27 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस बुश-मनमोहन की महत्वपूर्ण मुलाक़ात25 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस बुश के बयान पर भारत का जवाब12 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'विरोध के बावजूद चीनी मंत्री का स्वागत'07 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस परमाणु सहमति की आलोचना 18 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते से पाकिस्तान चिंतित03 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||