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परमाणु समझौते से पाकिस्तान चिंतित | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और अमरीका के असैनिक परमाणु समझौते पर पाकिस्तान ने चिंता ज़ाहिर करते हुए कहा है कि इससे क्षेत्र में एक नया पहलू जुड़ जाएगा. संयुक्त राष्ट्र महासभा में बोलते हुए पाकिस्तान के विदेश सचिव रियाज़ मोहम्मद ख़ान ने कहा है कि भेदभावपूर्ण व्यवहार को स्वीकृति देने से निशस्त्रीकरण और परमाणु अप्रसार पर मौजूदा आमसहमति को नुक़सान पहुँचेगा. उनका इशारा परमाणु आपूर्तिकर्ता देशों की ओर था जिनके सामने वाले दिनों में भारत-अमरीका असैनिक परमाणु समझौते पर अपनी सहमति का मसला आने वाला है. उल्लेखनीय है कि भारत और अमरीका के बीच हुए परमाणु समझौते को अमलीजामा पहनाने के लिए भारत को 45 सदस्यों वाले परमाणु आपूर्तिकर्ता देशों से अंतरराष्ट्रीय परमाणु सौदे की अनुमति लेनी होगी. हालांकि भारत के परमाणु समझौते पर चिंता ज़ाहिर करते हुए भी रियाज़ मोहम्मद ख़ान ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए परमाणु ऊर्जा उत्पादन में पाकिस्तान की भी गहरी दिलचस्पी है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उन्होंने कहा, "हालांकि पाकिस्तान दक्षिण एशिया में हथियारों की होड़ के सख़्त ख़िलाफ़ है लेकिन इसके बावजूद उसे अपनी सामरिक स्थिरता की चिंताओं को दूर करना होगा." उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही शांति प्रक्रिया का भी ज़िक्र किया और कहा कि इससे दोनों देशों को कश्मीर सहित कई विवाद के विषयों को सुलझाने का प्रयास करना चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें सरकार को करात की एक और चेतावनी01 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'परमाणु समझौते पर कोई समझौता नहीं'29 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते पर कांग्रेस की 'सफ़ाई'21 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस भारत जल्दी क़दम उठाए-मलफ़र्ड19 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते पर अहम बैठक18 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस काकोदकर आईएईए की बैठक में शामिल 17 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते पर समिति गठित04 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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