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भारत जल्दी क़दम उठाए-मलफ़र्ड | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के राजदूत डेविड मलफ़र्ड ने भारत सरकार को सलाह दी है कि वह परमाणु समझौते को लेकर जल्दी क़दम उठाए. अमरीका के इस क़दम पर वामपंथी दलों ने आपत्ति जताते हुए कहा है कि अमरीका इस मामले में भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है. हालांकि यूपीए सरकार का नेतृत्व कर रही कांग्रेस का कहना है कि कांग्रेस और भारत सरकार पर कोई दबाव नहीं डाल सकता. उधर बुधवार को परमाणु समझौते पर बनी यूपीए-वामदलों की समिति की दूसरी बैठक में भी कोई रास्ता नहीं निकल सका है. समिति की अगली बैठक पाँच अक्तूबर को होने की संभावना है. अमरीकी रुख़ अमरीकी राजदूत डेविड मलफ़र्ड ने बुधवार को दिल्ली में श्याम सरन से मुलाक़ात की, जो परमाणु मामले में प्रधानमंत्री के विशेष दूत हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई ने सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा है कि वॉशिंगटन रवाना होने से कुछ घंटों पहले मलफ़र्ड ने इस मुलाक़ात में यह समझने की कोशिश की है कि वामपंथी दलों के विरोध के बीच समझौते को लेकर भारत सरकार का क्या रुख़ है. एजेंसी का कहना है कि श्याम सरन से हुई मुलाक़ात में मलफ़र्ड ने सलाह दी है कि भारत को समझौते को जल्दी लागू कराने की कोशिश करनी चाहिए. डेविड मलफ़र्ड गुरुवार को अमरीका पहुँचने के बाद बुश प्रशासन को वस्तुस्थिति की जानकारी देंगे. उल्लेखनीय है कि समझौते को लागू करने के लिए अभी भारत को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी से सुरक्षा के क़दमों को लेकर चर्चा करनी है और फिर परमाणु आपूर्तिकर्ता देशों से समझौता करना है. | इससे जुड़ी ख़बरें परमाणु मामले पर बैठक बेनतीजा19 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते पर अहम बैठक18 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस आईएईए को बातचीत का इंतज़ार18 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते पर समिति गठित04 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस वामदल परमाणु संधि के विरोध में07 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु सहमति का मसौदा सार्वजनिक03 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते पर 'ठोस प्रगति'20 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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