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'विरोध के बावजूद चीनी मंत्री का स्वागत' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि परमाणु समझौते पर नकारात्मक रवैये के बावजूद वे चीन के विदेश मंत्री का स्वागत करेंगे. उन्होंने कहा, "अब जबकि एनएसजी से हमें मंज़ूरी मिल गई है तो सोमवार को भारत पहुँचने वाले चीन के विदेश मंत्री का हम अपने देश की परंपरा 'अतिथि देवो भव' के मुताबिक ही स्वागत करेंगे. वे हमारे सम्माननीय अतिथि हैं." कोलकाता में पत्रकारों से बात करते हुए विदेश मंत्री ने कहा, "हम सभी देशों से मधुर संबंध बनाए रखने की नीति पर चल रहे हैं." उनके इस बयान से पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन ने कहा था कि भारत चीनी विदेश मंत्री के समक्ष अपनी नाखुशी ज़ाहिर करेगा. प्रणव मुखर्जी का कहना था, "हमने एनएसजी में परमाणु परीक्षणों पर रोक को स्वेच्छा से जारी रखने की जो बात कही है वह अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के समय से ही तय हो चुकी थी, और हमने उनके ही निर्णय को स्वीकार किया है." सोनिया की बधाई विदेश मंत्री ने कहा कि पोखरण परीक्षण के बाद ही परमाणु परीक्षण किए जाने पर एकतरफ़ा रोक लगा दी गई थी और उन्होंने वही बात दोहराई है. उनका कहना था कि 18 जुलाई, 2005 को वाशिंगटन में भारत और अमरीका के मूल साझा वक्तव्य में भी यह बात शामिल थी.
उधर, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार को एनएसजी में भारत-अमरीका समझौते को मंज़ूरी मिलने पर बधाई देने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात की. एनएसजी की मंज़ूरी और प्रतिबंधों को हटाने के निर्णय को एक ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए सोनिया गांधी ने कहा, "एनएसजी की मंज़ूरी हमारे प्रयासों की पराकाष्ठा और हमारे परमाणु वैज्ञानिकों और राजनयिकों के कुशलतापूर्वक किए गए सौदों का परिणाम है. हमारा तीन दशकों का वनवास ख़त्म हो गया है." | इससे जुड़ी ख़बरें समझौते की अमरीकी संसद में परीक्षा 07 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'भारत का एटमी वनवास ख़त्म'07 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस बुश और मनमोहन ख़ुश, भाजपा नाराज़06 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'भारत ने पाया है, खोया कुछ नहीं'06 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'सामरिक विकल्प तंग हुए हैं'06 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते को एनएसजी की मंज़ूरी06 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस एनएसजी में भारत की उम्मीदें बरकरार06 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस वियना बैठक में गहरे मतभेद05 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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