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चीन के विदेश मंत्री का भारत दौरा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीनी विदेश मंत्री यांग जिएची रविवार को अपने तीनदिवसीय भारत दौरे पर रविवार को कोलकाता पहुँच गए हैं. उनकी ये यात्रा विएना में परमाणु आपूर्तिकर्ता देशों (एनएसजी) की बैठक में चीन के रवैये से भारत-चीन रिश्तों में उत्पन्न हुए मनमुटाव के बीच हो रही है. चीनी विदेश मंत्री सोमवार को दिल्ली पहुँचेंगे हैं जहाँ वे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह व अन्य नेताओं से मुलाक़ात करेंगे. भारतीय विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने उनकी यात्रा पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में प्रणव मुखर्जी ने कहा कि किस देश ने एनएसजी में क्या भूमिका निभाई, इस विषय पर वो कुछ नहीं कहना चाहते. उनका कहना था,'' हर संप्रभु देश को अपने विचार प्रकट करने का अधिकार है. अब जहाँ तक चीन के विदेश मंत्री की भारत यात्रा का सवाल है तो हम अपने देश की परंपरा के मुताबिक उनका स्वागत करेंगे. वे हमारे सम्माननीय अतिथि हैं." प्रणव मंत्री ने कहा, " हम सभी देशों से मधुर संबंध बनाए रखने की नीति पर चल रहे हैं." उनके इस बयान से पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन ने कहा था कि भारत चीन के विदेश मंत्री के समक्ष अपनी नाखुशी ज़ाहिर करेगा. ग़ौरतलब है कि भारत-अमरीका परमाणु समझौते पर एनएसजी की बैठक में चीन ने भारत को छूट दिए जाने का विरोध कर रहे ऑस्ट्रिया, न्यूज़ीलैंड और स्विज़रलैंड का साथ दिया था. |
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