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चीन के साथ टकराव नहीं चाहते: एंटनी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सिक्किम से लगी सीमा को लेकर उभरे ताज़ा विवादों के बावजूद भारतीय रक्षा मंत्री एके एंटनी ने कहा है कि भारत चीन के साथ टकराव नहीं चाहता. ऐसी ख़बरें आई थीं कि चीन की सेना सिक्किम से लगी सीमा पर स्थित 'फ़िंगर एरिया' के पत्थरों को हटाने पर अमादा है. इस मुद्दे पर हाल ही में भारतीय विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी के चीन दौरे पर चर्चा भी हुई थी. सेना के तीनों अंगों को मिलाकर बनी इंटिग्रेटेड डिफेंस स्टाफ़ के एक सम्मेलन को संबोधित करने के बाद रक्षा मंत्री एके एंटनी ने पत्रकारों से कहा, हम इन मुद्दों को नज़रअंदाज़ नहीं कर रहे हैं. रक्षा मंत्री का कहना था, "हम चीन के साथ लंबे समय से चले आ रहे विवादों का समाधान निकालने की प्रक्रिया में हैं और ये जारी है." उन्होंने कहा, "चीन के साथ वार्ता पर राष्ट्रीय सहमति है और ग्यारहवें दौर की बातचीत हाल ही में संपन्न हुई है. विवादों का समाधान सिर्फ़ बातचीत से ही निकाला जा सकता है." भारतीय रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. चीन के रक्षा बजट में कटौती के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों की आर्थिक प्रगति की तुलना में भारत का रक्षा बजट कम है. | इससे जुड़ी ख़बरें चीन के साथ सुरक्षा ढाँचे की पेशकश06 जून, 2008 | भारत और पड़ोस प्रणव चार दिनों की चीन यात्रा पर04 जून, 2008 | भारत और पड़ोस भूकंप से बनी झील के फूटने का ख़तरा31 मई, 2008 | पहला पन्ना 'मतभेदों का असर संबंधों पर न पड़े'11 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस भारत-चीन का संयुक्त सैनिक अभ्यास20 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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