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भूकंप से बनी झील के फूटने का ख़तरा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन के सिचुआन प्रांत में भूकंप के बाद बन गई झील के फूट जाने के ख़तरे को देखते हुए दो लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है. मियानयांग शहर के कोई 70 हज़ार लोग ऊँचाई वाले स्थानों पर ले जाए गए हैं. भूकंप के कारण हुए भूस्खलन से नदियों का रास्ता रुक गया था और कोई 30 झीलें बन गई थीं. इनमें से तांगजियाशान झील सबसे बड़ी है और इसी के फूटने का ख़तरा है. अब वहाँ सैनिक झील से पानी निकालने के लिए रास्ता बनाने में लगे हुए हैं. लेकिन यह आशंका बनी हुई है कि उनका काम पूरा होने से पहले ही कहीं झील फूट न जाए. बचाव कार्य चीन ने कोई दस लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाने की आपात योजना बना रखी है. ये लोग आसपास के इलाक़ों में रहते हैं जहाँ झील फूटने की स्थित में पानी चार घंटों में पहुँच जाएगा. मियानयाँग शहर में मौजूद बीबीसी संवाददाता निक मैकी का कहना है कि सरकार स्थानीय लोगों को मीडिया के ज़रिए और नुक्कड़ सभाओं के ज़रिए आपात योजना की जानकारी देने की कोशिश कर रही है. शहर के आसपास कोई 61 ठिकाने बनाए गए हैं जहाँ लोगों को लेजाकर ठहराया जा रहा है. आपात स्थिति में बच्चों, बूढ़ों और असहाय लोगों को ले जाने के लिए वाहनों की व्यवस्था रहेगी. हालांकि ज़्यादातर लोग जो ख़तरे की घंटी सुनकर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए निकलेंगे वो पैदल ही जा सकेंगे क्योंकि वहाँ कारें या निजी वाहन ले जाने की अनुमति नहीं है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'मृतक संख्या साठ हज़ार से ज़्यादा'24 मई, 2008 | पहला पन्ना चीन में राहत कार्यों में तेज़ी आई18 मई, 2008 | पहला पन्ना अफ़रा-तफ़री के बाद बचाव कार्य शुरू17 मई, 2008 | पहला पन्ना चीन में मृतक संख्या '50 हज़ार'15 मई, 2008 | पहला पन्ना चीन में भीषण भूकंप, हज़ारों की मौत12 मई, 2008 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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