BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
सोमवार, 01 सितंबर, 2008 को 04:16 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
राजमार्ग को नुकसान का खतरा

बिहार बाढ़
बाढ़ प्रभावित इलाक़ों से कम से कम पांच लाख लोगों को बाहर निकाला गया है

बिहार के कोसी अंचल में सहरसा मधेपुरा और सुपौल को जोड़ने वाले राष्ट्रीय उच्च मार्ग के कई हिस्सों पर बाढ़ का पानी बहने लगा है जिस कारण पूरे कोसी अंचल से राज्य के अन्य हिस्सों का एकमात्र सड़क संपर्क टूट रहा है.

अगर इस राजमार्ग को बाढ़ के पानी से नुकसान पहुंचता है तो पूरे कोसी अंचल में बाढ़ राहत सामग्री पहुंचाने में कई दिक्कतें पैदा हो जाएंगी.

उधर बाढ़ग्रस्त सुपौल, मधेपुरा और सहरसा जिसों के कई नए इलाक़ो में अभी भी बाढ़ का पानी फै़लता जा रहा है और हर दिन कई लोग अपने घर छोड़ने को मज़बूर हो रहे है.

हालांकि सरकार का दावा है कि अब तक पाँच लाख लोगों को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से बाच कर निकाला जा चुका है और इतनी ही संख्या में लोग बच कर निकल गए हैं.

दूसरी तरफ़ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से मिल रही गैर सरकारी सूचनाओं के अनुसार सुपौल जिले के छातापुर, त्रिवेणीगंज, प्रतापगंज, मधेपुरा के कुमारखंड. आलमनगर समेत ग्वालपाड़ा समेत कई प्रखंड ऐसे हैं जहां लाखों की तादाद में लोगों के फंसे होने की आशंका है.

इन इलाक़ों में पानी भरा हुआ है और बचाव कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है.

स्थानीय लोगों के अनुसार सेना इन इलाक़ों में पहुंची है लेकिन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम तेज़ी से नहीं हो पा रहा है.

इस बीच रेल मंत्रि लालू यादव ने सहरसा और मधेपुरा पहुंचे और उन्होंने बाढ़ग्रस्त इलाक़ो का दौरा किया.

उन्होंने घोषणा की है कि बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों के तमाम रेलवे स्टेशनों पर बाढ पीड़ितों को राहत सामग्री दी जाएगी.

सहायता

प्रदेश आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि अभी तक चार लाख लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है जबकि डेढ़ लाख लोग 170 शिविरों में रह रहे हैं.

राहत कार्य सभी लोगों तक नहीं पहुँच पा रही

लेकिन बाढ़ का प्रकोप इतना ज़्यादा है कि प्रभावित लोगों तक सहायता नहीं पहुँच पा रही है.

चारों प्रभावित ज़िलों के लोग नाराज़ है और उनकी मांग है कि ये ज़िले सेना को सौंप दिए जाए क्योंकि अब भी लाखों लोग बाढ़ में फँसे हुए हैं.

सहरसा के एक राहत शिविर में रह रहे मधेपुरा के मुंडेश्वर यादव काफ़ी नाराज़ हैं और उनका कहना है- राज्य सरकार इन ज़िलों को सेना के हवाले कर दे ताकि लाखों लोगों की जान बचाई जा सके.

राहत शिविर में रह रहे एक और बाढ़ पीड़ित भोला शाह ने कहा, "लोगों के सब्र का बाँध टूट रहा है. राज्य सरकार पर से हमारा भरोसा उठ गया है."

बिहार में जलप्रलयबिहार में जलप्रलय
बाढ़ से बुरी तरह बदहाल हो चले बिहार पर बीबीसी की विशेष सामग्री यहाँ पढ़ें.
कोसी का रुख़ बदला
बिहार में बाढ़ की वजह है कोसी का रास्ता बदलना. आइए नक्शे में देखते हैं.
बाढ़ पीड़ित'वापस कब आओगे...'
बीबीसी संवाददाता मोहनलाल बयान कर रहे हैं नाव से हो रहे राहत कार्य का दृश्य.
राहत शिविरस्कूल बन गए शिविर
बाढ़ से निपटने के लिए बनाए गए राहत शिविरों में पुख़्ता व्यवस्था नहीं है.
बाढ़ पीड़ित'अब जिएं या मरें...'
बाढ़ पीड़ितों की स्थिति पर मधेपुरा के दो लोगों की आपबीती दे रही है बानगी...
बाढ़ के पानी से टूटी रेलवे लाइन'जाएँ तो जाएँ कहाँ...'
बीबीसी संवाददाता मोहनलाल शर्मा बयान कर रहे हैं मधेपुरा की बाढ़ का मंज़र...
इससे जुड़ी ख़बरें
भारी बारिश से राहत कार्य बाधित
31 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस
'अब भगवान भरोसे हैं, जिएं या मरें...'
30 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस
कोसी का जलस्तर बढ़ा, हालात बिगड़े
30 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस
बाढ़ पीड़ितों के लिए लालू की सहायता
30 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस
राहत शिविर में रहने का दर्द
29 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस
कोसी में बीस से अधिक लोग डूबे
29 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>