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'लापता लोगों के बारे में स्थिति स्पष्ट करें' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय राहत संस्था रेड क्रॉस ने माओवादियों के नेतृत्व वाली सरकार से अपील की है कि वह उन 1227 लोगों के बारे में स्थिति स्पष्ट करे जो देश में दस साल के गृह युद्ध के दौरान लापता हुए थे. गृह युद्ध के ख़त्म होने के दो साल बाद भी इन 1227 लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं है. इनमें से 91 फ़ीसदी पुरुष थे. इनमें से अनेक लोग सेना की कार्रवाई के दौरान लापता हुए थे जबकि कई अन्य माओवादियों की कार्रवाई के बाद लापता हो गए थे. परिजनों की माँग नेपाल में रेड क्रॉस की अध्यक्ष मेरी वर्न्ट्ज़ का कहना था, "हमें कुछ संकेत मिले हैं कि कुछ लोगों को कभी कुछ मुआवज़ा दिया गया था. लेकिन किसी भी सरकार ने कभी की पत्र लिखकर या आधिकारिक तौर पर इन लोगों के परिवारों को स्थिति स्पष्ट नहीं की है." लापता हुए लोगों के परिजनों की दो माँगें हैं - उन्होंने जो दुख भोगा है, उसे सार्वजनिक तौर पर स्वीकार किया जाए और सरकार उनके बारे में स्थिति स्पष्ट करे. उनके बारे में स्थिति स्पष्ट किए जाने पर इसलिए दबाव बनाया जा रहा है क्योंकि उसके बिना लापता लोगों के परिजनों को कोई मुआवज़ा नहीं मिल सकता और न ही लापता लोगों की संपत्ति उनके परिजनों को वैध रुप से मिल सकती है. | इससे जुड़ी ख़बरें नेपाल में तेल संकट, भारत से आपूर्ति बंद10 मई, 2007 | भारत और पड़ोस लोकतंत्र स्थापना की पहली वर्षगांठ24 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस चुनाव आयोग मतदान के लिए तैयार नहीं13 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस नेपाल में सेना के हथियारों की जाँच शुरू10 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस माओवादियों को मिली सत्ता में भागीदारी01 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस हालात नहीं बदले तो फिर विद्रोह : महारा01 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस नेपाल में अंतरिम सरकार का गठन टला31 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस माओवादी शामिल होंगे सरकार में31 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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