|
नेपाल में सेना के हथियारों की जाँच शुरू | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि उन्होंने नेपाल की सेना की ओर से जमा किए गए हथियारों के मुआयने का काम शुरु कर दिया है. पिछले वर्ष माओवादियों और सरकार के बीच हुए शांति समझौते के तहत माओवादियों ने सशस्त्र संघर्ष रोकने और हथियार सौंपने की बात स्वीकारी थी. साथ ही यह भी तय हुआ था कि जितनी संख्या में माओवादी हथियार जमा करेंगे उतने ही हथियार सेना की ओर से भी जमा किए जाएंगे. संयुक्त राष्ट्र की ओर से हथियार संग्रह की जाँच इसी शांति समझौते की एक महत्वपूर्ण कड़ी है. उधर माओवादियों ने एक बार फिर अपनी माँग को दोहराते हुए कहा है कि उन्हें एक मुख्यधारा के राजनीतिक दल के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए. माओवादी नेता बाबूराम भट्टाराई ने पत्रकारों को बताया कि वे अपनी राजनीतिक पार्टी को नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के नाम से सामने लाना चाहते हैं और इसके लिए लाल कपड़े पर हशिया-हथौड़ा-तारे के निशान वाला चिन्ह दिए जाने के लिए आवेदन किया जा चुका है. अभियान संयुक्त राष्ट्र ने बताया कि उनकी ओर से हथियारों के पंजीकरण का काम मंगलवार को दोपहर बाद से शुरू हो गया है. एक अनुमान के मुताबिक इस काम को तीन से चार दिनों में पूरा कर लिया जाएगा. अधिकारियों ने बताया कि सेना के हथियारों को काठमांडू के बाहरी इलाके में सेना के एक शिविर में रखा गया है. सेना प्रवक्ता रामिंद्र क्षेत्री ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, "माओवादियों ने निगरानी के अंतर्गत जितनी संख्या में हथियार जमा किए थे, हम भी उतने ही हथियार जमा कर रहे हैं." उन्होंने बताया कि सेना के हथियारों को रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने 14 कंटेनर दिए हैं. इन कंटेनरों में हथियारों को रखने के बाद उन्हें बैरकों में सुरक्षित रखा जाएगा और इनकी चाबी सेना के पास रहेगी. ग़ौरतलब है कि नेपाल सरकार और माओवादियों की ओर से संयुक्त राष्ट्र से कहा गया था कि वो दोनों ओर से जमा किए गए हथियारों की निगरानी में मदद करें. | इससे जुड़ी ख़बरें माओवादियों को मिली सत्ता में भागीदारी01 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस नेपाल में राजशाही को लेकर झड़पें18 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस प्रचंड दावे के सबूत पेश नहीं कर पाए10 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस माओवादी गतिविधियों पर चिंता22 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस 'भारत और चीन से बराबर दूरी रखेंगे'10 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||