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माओवादी गतिविधियों पर चिंता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधियों और नेपाल सरकार ने इस बात पर गहरी चिंता जताई है कि माओवादी विद्रोही शिविरों से बाहर निकल रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र, नेपाल सरकार और माओवादियों के प्रतिनिधियों के बीच गुरुवार को काठमांडू में हुई त्रिपक्षीय बैठक में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओवादी) से अपील की गई वे अपने कैडरों को निर्धारित शिविरों में ही रहने के लिए कहें. इस बीच गृह मंत्री कृष्ण प्रसाद सितौला ने सार्वजनिक अपील जारी करते हुए कहा है कि माओवादियों को शिविरों के बाहर अपनी गतिविधियाँ उजागर नहीं करनी चाहिए. उन्होंने भारोसा दिलाया कि माओवादियों को शिविरों में जो भी दिक्क़तें हो रही हैं, उन्हें एक हफ़्ते के भीतर दुरूस्त कर दिया जाएगा.ट ग़ौरतलब है कि दक्षिणी नेपाल के चितवन में सैंकड़ों माओवादी विद्रोही शिविरों से बाहर निकल कर दिन में आस-पास के इलाक़ों में मजदूरी पाने के लिए भटक रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि माओवादी का स्वच्छंद घूमना शांति प्रक्रिया के लिए घातक साबित हो सकता है. वहीं, दूसरी ओर माओवादियों के कमांडर प्रभाकर ने बीबीसी को बताया कि विद्रोहियों को मजबूर होकर घर का पानी नहीं पिलाया जा रह है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'माओवादी शिविर छोड़ काम पर निकले'21 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस लापता नेपालियों की तलाश में अभियान14 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस नेपाल में अनोखी दोहरी नागरिकता04 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस काश मेरा यह ख़्वाब पूरा हो जाए....31 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस नेपाल में पूर्व मंत्रियों की गिरफ़्तारी30 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस साष्टांग करता तीर्थयात्री29 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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