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लापता नेपालियों की तलाश में अभियान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में पिछले एक दशक के संघर्ष के दौरान लापता हुए 800 से ज़्यादा लोगों की तलाश में अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस एक अपील जारी करेगा. नेपाल में रेड क्रॉस की प्रतिनिधि ने घोषणा की है कि रेड क्रॉस लापता लोगों के नाम गुरुवार को स्थानीय अख़बारों में छापेगा. प्रतिनिधि का कहना था कि लोगों से अनुरोध किया जाएगा कि उनके पास इन लोगों के बारे में कोई भी जानकारी हो तो वो उन्हें दें. लापता ज्यादातर लोगों को या तो नेपाल के सुरक्षाबलों ने गिरफ़्तार कर लिया था या फिर माओवादियों ने पकड़ लिया था. रेड क्रॉस की प्रतिनिधि मैरी वेर्नट्ज़ का कहना था,'' लापता लोगों के परिवारजनों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. उन्हें अपने प्रियजनों के बारे में कुछ पता नहीं और उन्हें यह जानने का अधिकार है.'' ग़ौरतलब है कि नेपाल में लगभग एक दशक तक चले गृहयुद्ध में लगभग 13 हज़ार लोग मारे गए हैं और सैकड़ों अन्य लापता हुए हैं. माओवादी विद्रोहियों और सरकार के साथ 2006 में शांति समझौता हुआ और इस समझौते के तहत माओवादी विद्रोही बहुदलीय सरकार में शामिल हो रहे हैं. इसके पहले संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष मानवाधिकार अधिकारी लुई आर्बर ने कहा था कि नेपाल में गृहयुद्ध के दौरान मानवाधिकारों का उल्लंघन करने के लिए सरकारी सुरक्षा बलों और माओवादी विद्रोहियों पर मुक़दमा चलाया जाना चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें 'नेपाल में दोषियों के ख़िलाफ़ मुक़दमा चले'24 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस दक्षिणी नेपाल में जातीय हिंसा, तनाव20 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस दक्षिणी नेपाल में हिंसा बढ़ी25 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस मधेशियों से बात करेगी नेपाल सरकार02 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस प्रचंड ने चुनाव में 'बाधा' की आशंका जताई13 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस नेपाल के माओवादी विद्रोही अब संसद में15 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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