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प्रचंड ने चुनाव में 'बाधा' की आशंका जताई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल के पूर्व माओवादी विद्रोहियों के नेता प्रचंड ने मंगलवार को राजधानी काठमांडू में अपने समर्थकों से कहा है कि कुछ ताकतें आगामी चुनावों में बाधा डालने का प्रयास कर रही हैं. प्रचंड माओवादी आंदोलन के शुरू होने के 11 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित रैली को संबोधित कर रहे थे. लंबे अरसे तक भूमिगत रहने के बाद पिछले साल जून में सार्वजनिक रूप से सामने आए प्रचंड रैली के माध्यम से पहली बार अपने हज़ारों समर्थकों से रूबरू हुए. माओवादी पिछले महीने ही अन्य दलों के साथ संसद में शामिल हुए हैं. नेपाल में संविधान सभा के चुनाव इसी साल जून में प्रस्तावित हैं. गड़बड़ी प्रचंड की सभा के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए थे और बड़े वाहनों के शहरों में प्रवेश पर रोक लगाई गई थी. प्रचंड ने अपने समर्थकों से कहा, "कुछ ताकतें हैं जो चुनावों में बाधा डालने का प्रयास कर रही हैं." न्यूज़ एजेंसी एपी के अनुसार प्रचंड ने कहा कि यदि चुनावों में देरी होती है तो लोग विद्रोह करने के लिए स्वतंत्र होंगे. गत वर्ष नवम्बर में हुए शांति समझौते के बाद माओवादियों ने अपना सशर्त संघर्ष खत्म करने की घोषणा की थी. बीबीसी संवाददाता चार्ल्स हेवीलैंड ने बताया कि राजधानी को पुष्प कुमार दहल यानी प्रचंड के पोस्टरों से पाट दिया गया था. प्रचंड आठ माह पूर्व पहली बार प्रेस से मुखातिब हुए थे, लेकिन अब भी वह कड़े सुरक्षा घेरे में रहते हैं. संयुक्त राष्ट्र माओवादी संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में अपने हथियार पर्यवेक्षकों को सौंप रहे हैं और संयुक्त राष्ट्र निगरानी मिशन का कहना है कि यह प्रक्रिया ठीक तरह से चल रही है. पूर्व विद्रोहियों के संसद में अब 70 नामांकित सदस्य हैं. लेकिन बीबीसी संवाददाता का कहना है कि माओवादियों की लोकतांत्रिक विश्वसनीयता को लेकर अब भी संदेह है. संयुक्त राष्ट्र मिशन ने दूसरे दलों की सभाओं पर माओवादियों के हमलों और मतदाता सूचियों में उनकी दखलअंदाज़ी पर चिंता जताई है. काठमांडू में एक व्यापारी ने बीबीसी को बताया कि लगभग 25 माओवादी जबरन उनके कार्यालय में घुस आए और दीवारों पर प्रचंड के पोस्टर चस्पा कर दिए. उन्होंने धमकी दी कि अगर पोस्टर हटाए गए तो इमारत को विस्फोट से उड़ा दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि माओवादियों ने चंदा नहीं देने के लिए भी उन्हें धमकाया था. | इससे जुड़ी ख़बरें 'भारत और चीन से बराबर दूरी रखेंगे'10 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस नेपाल में अनोखी दोहरी नागरिकता04 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस नेपाल में पूर्व मंत्रियों की गिरफ़्तारी30 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस नेपाल में हिंसा जारी, मंत्री का इस्तीफ़ा29 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस दक्षिणी नेपाल में हिंसा बढ़ी25 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस अब नहीं चलेगा राजा का सिक्का25 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस 'नेपाल में दोषियों के ख़िलाफ़ मुक़दमा चले'24 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस नेपाल में आम जनजीवन प्रभावित21 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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