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नेपाल में हिंसा जारी, मंत्री का इस्तीफ़ा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल के दक्षिणी तराई क्षेत्रों में दूसरे सप्ताह भी हिंसा जारी रहने के बाद गठबंधन सरकार के एक मंत्री ह्रदयेश त्रिपाठी ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया. उन्होंने कहा है कि सरकार मधेशी समुदाय के लोगों की माँगों पर तुरंत ध्यान दे. सरकार में नेपाल सदभावना पार्टी का प्रतिनिधित्व करने वाले ह्रदयेश त्रिपाठी उद्योग, वाणिज्य और आपूर्ति मंत्री थे. उनका इस्तीफ़ा ऐसे समय में आया है जब आठों प्रमुख पार्टियाँ इस मसले का हल निकालने के लिए काठमांडू में विचार-विमर्श करने वाली थीं. ह्रदयेश त्रिपाठी के इस्तीफ़े को शेष राजनीतिक दलों पर मधेशियों की माँग को मनवाने के लिए दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है. ग़ौरतलब है कि पिछले एक सप्ताह में नेपाल के दक्षिणी इलाक़े में तनाव और हिंसा में छह लोगों की जान जा चुकी है और अरबों रुपए की संपत्ति का नुकसान हो चुका है. इसे देखते हुए अधिकारियों ने स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए बीरगंज, गौर और जनकपुरधाम में दिन का कर्फ़्यू लगा दिया लेकिन प्रदर्शनकारी इसे तोड़ते हुए सड़कों पर उतर आए. त्रिपाठी ने बीबीसी को बताया कि उन्होंने हिंसा की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफ़ा दिया है. उनका यह भी कहना था कि उन्होंने यह क़दम मधेशियों के जनआंदोलन को दबाने के विरोध में भी उठाया है. उपेक्षा का आरोप ग़ौरतलब है कि दक्षिणी नेपाल में बड़ी संख्या में रहने वाले मधेशी समुदाय के लोग ज़्यादा स्वायत्तता और संसद में ज़्यादा प्रतिनिधित्व की माँग कर रहे हैं. मधेशी संसदीय क्षेत्रों की समीक्षा की भी माँग कर रहे हैं. उनकी यह भी माँग है कि मैदानी इलाक़ों में महत्वपूर्ण पदों पर आसीन पहाड़ी लोगों को हटाया जाए. इन माँगों को मनवाने के लिए मधेशी लोगों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया है. उम्मीद जताई जा रही है सोमवार को प्रधानमंत्री गिरिजा प्रसाद कोइराला के नेतृत्व में होने वाली आठ पार्टियों की बैठक में इन माँगों पर चर्चा की जाएगी. बताया जाता है कि मैदानी इलाक़ों में रहने वाले मधेशी लोगों में पहाड़ी लोगों का दबदबा होने पर बहुत असंतोष है. नेपाली की कुल आबादी लगभग दो करोड़ 70 लाख है और उसमें से मधेशियों की संख्या 33 से 45 प्रतिशत है लेकिन सरकार और सेना में उनका प्रतिनिधित्व बहुत कम है. | इससे जुड़ी ख़बरें दक्षिणी नेपाल में हिंसा बढ़ी25 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस नेपाल में आम जनजीवन प्रभावित21 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस दक्षिणी नेपाल में जातीय हिंसा, तनाव20 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस माओवादियों की सामानांतर सरकार भंग18 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस माओवादियों ने हथियार डालने शुरू किए17 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस नेपाल के माओवादी संसद में बैठेंगे15 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस नेपाल में आज से काम संभालेंगे पर्यवेक्षक08 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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