BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
बुधवार, 17 जनवरी, 2007 को 15:25 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
माओवादियों ने हथियार डालने शुरू किए
नेपाल में माओवादी
समझौते के तहत माओवादियों को हथियार डालने हैं
नेपाल में माओवादियों ने संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में बुधवार से हथियार डालने शुरु कर दिए हैं.

एक दशक के संघर्ष विराम के बाद 2006 में माओवादियों और सरकार के बीच शांति समझौता हुआ था जिसमें माओवादियों का हथियार डालना एक प्रमुख शर्त थी.

संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षकों ने माओवादी विद्रोहियों के हथियारों को जमा करना शुरु कर दिया है.

पर्यवेक्षकों को इस काम में सेवानिवृत्त गोरखा सिपाही सहायता कर रहे हैं. ये नेपाली सिपाही भारतीय और ब्रितानी सेना में काम कर चुके हैं.

इस काम के लिए सौ से अधिक पूर्व गोरखा सैनिकों का चयन किया गया है जो माओवादियों के हथियारों का पंजीकरण करेंगे और उन्हें जमा करेंगे.

इसके बाद बराबर संख्या में नेपाल की सेना के हथियार भी लाकर यहाँ बंद कर दिए जाएँगे.

संसद का हिस्सा

शांति समझौता
प्रधानमंत्री कोईराला और माओवादी नेता प्रचंड ने शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए थे

दूसरी ओर माओवादी विद्रोही नेपाल की अंतरिम संसद का हिस्सा हो गए हैं.

नेपाल की 330 सदस्यों वाली संसद में 83 माओवादी नेताओं ने शपथ ले ली है.

इससे पहले संसद ने ऐतिहासिक अंतरिम संविधान को मंज़ूरी दे दी थी जिसमें यह प्रावधान किया गया कि विद्रोही माओवादी भी संसद का हिस्सा होंगे.

सात राजनीतिक दलों की अंतरिम सरकार और माओवादी विद्रोहियों के बीच साल 2006 में हुए समझौते के बाद विद्रोहियों ने हथियार छोड़कर सरकार में शामिल होना स्वीकार कर लिया था.

यह इस साल होनेवाले आम चुनाव से पहले अंतरिम व्यवस्था है.

इससे जुड़ी ख़बरें
नेपाल में अंतरिम संविधान पर सहमति
16 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस
नेपाल में हज़ारों माओवादी बीमार हुए
12 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस
नेपाल में निरस्त्रीकरण समझौता
28 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस
नेपाल में ऐतिहासिक शांति समझौता
21 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>