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नेपाल के माओवादी विद्रोही अब संसद में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में दस साल का विद्रोह ख़त्म करते हुए माओवादी विद्रोही अंतरिम संसद का हिस्सा हो गए हैं. 330 सदस्यों वाली संसद में जब 83 माओवादी नेताओं ने शपथ ली तो शीर्ष माओवादी नेता दर्शक दीर्घा में मौजूद थे. इससे पहले संसद ने ऐतिहासिक अंतरिम संविधान को मंज़ूरी दे दी है जिसमें यह प्रावधान किया गया है कि विद्रोही माओवादी संसद का हिस्सा होंगे. सात राजनीतिक दलों की अंतरिम सरकार और माओवादी विद्रोहियों के बीच पिछले दिनों हुए समझौते के बाद विद्रोहियों ने हथियार छोड़कर सरकार में शामिल होना स्वीकार कर लिया था. यह इस साल होनेवाले आम चुनाव से पहले अंतरिम व्यवस्था है. उल्लेखनीय है कि नेपाल में माओवादी एक दशक तक हथियारबंद विद्रोह करते रहे जिससे कम से कम 13 हज़ार लोगों की जानें गईं. अंतरिम संविधान इस तरह नौ महीने पहले भूमिगत रहकर विद्रोह कर रहे माओवादी सरकार का हिस्सा हो गए. नेपाली संसद ने अंतरिम संविधान का सर्वसम्मति से अनुमोदन किया.
इस अंतरिम संविधान में ही प्रावधान है कि माओवादी 330 सीटों वाली अंतरिम संसद में एक तिहाई सीटों पर मनोनीत किए जाएँगे. इसके अलावा इसी संविधान के ज़रिए शासन करने का अधिकार नेपाल के राजा से प्रधानमंत्री को मिल जाएँगे. नेपाल के प्रधानमंत्री गिरिजाप्रसाद कोइराला ने संसद में कहा, "आज का दिन सभी राजनीतिक दलों और नेपाली जनता के बीच समझौते का दिन है." अंतरिम सरकार माओवादियों ने अपने सांसदों में बड़ी संख्या में महिलाओं को, मुख्यधारा से अलग जी रहे समाज के लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को चुना है. उन्होंने लोकतंत्र के लिए आवाज़ उठाने वाले सेना के एक रिटायर्ड मेजर जनरल को भी अपने सांसदों में चुना है. माओवादी अब फ़रवरी से अंतरिम सरकार में शामिल हो जाएँगे.
यही अंतरिम सरकार जून में संविधान सभा का चुनाव करेगी जिसके पास यह तय करने का अधिकार होगा कि नेपाल में राजशाही चलेगी या नहीं. अंतरिम संविधान में राजाशाही के लिए औपचारिक भूमिका का भी प्रावधान नहीं रखा गया है. उल्लेखनीय है कि पिछले साल अप्रेल में हुए जनआंदोलन के बाद राजा ज्ञानेंद्र ने संसद को बहाल करते हुए सत्ता अंतरिम सरकार को सौंप दी थी. हथियारों की निगरानी उधर मंगलवार से संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षक माओवादी विद्रोहियों के हथियारों की निगरानी शुरु कर देंगे. संयुक्त राष्ट्र की यह भूमिका भी उस समझौते का हिस्सा है जो सरकार और माओवादियों के बीच हुआ है. पिछले दिनों संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा है कि स्थाई शांति स्थापना में नेपाल की मदद करने के लिए वहाँ संयुक्त राष्ट्र की भूमिका बढ़ानी होगी. इस संबंध में एक प्रस्ताव भी तैयार किया गया है और सुरक्षा परिषद के अनुमोदन के बाद वहाँ एक संपूर्ण मिशन स्थापित किया जाएगा. स्वागत भारत सरकार ने नेपाल में अंतरिम संविधान की मंज़ूरी और अंतरिम संसद के गठन का स्वागत किया है. विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि भारत उम्मीद करता है कि यह नेपाल के विकास में मील का पत्थर साबित होगा और इससे एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत होगी जिससे देश में शांति, स्थायित्व और आर्थिक विकास होगा. भारत सरकार ने अपने बयान में कहा है कि संयुक्त राष्ट्र जो हथियारों की निगरानी शुरु करने जा रहा है वह प्रक्रिया अंतरिम सरकार के गठन से पहले विश्वसनीय तरीक़े से पूरी हो जानी चाहिए. भारत सरकार ने नेपाल में राजनीतिक दलों और लोगों की सहायता के लिए अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई है. | इससे जुड़ी ख़बरें नेपाल में अंतरिम संविधान पर सहमति16 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस सरकारी नियुक्तियों के विरोध में 'नेपाल बंद'19 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस पूर्व गोरखा सैनिक संभालेंगे ज़िम्मेदारी22 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में आज से काम संभालेंगे पर्यवेक्षक08 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस नेपाल में हज़ारों माओवादी बीमार हुए12 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में निरस्त्रीकरण समझौता28 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में ऐतिहासिक शांति समझौता21 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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