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अल क़ायदा से संबंध का आरोप | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अल क़ायदा संगठन से जुड़े होने के शक पर एक पाकिस्तानी महिला को अफ़ग़ानिस्तान से अमरीका भेजा गया है. उन पर अमरीकी सैनिकों को जान से मारने की कोशिश करने के आरोप हैं और उन पर मुक़दमा चलाया जाएगा. पहले अमरीका की नागरिक रही 36 वर्षीय आफ़िया सिद्दीक़ी को 17 जुलाई को अफ़ग़ानिस्तान के ग़ाज़ी प्रांत से गिरफ़्तार किया गया. ग़ौरतलब है कि वे जाने-माने अमरीकी संस्थान 'मैसाच्यूसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेकनॉलॉजी' की छात्रा रह चुकी हैं. वर्ष 2004 में अमरीकी गुप्तचर एजेंसी एफ़बीआई ने उनका नाम लिया था और मंशा ज़ाहिर की थी कि अल क़ायदा के साथ संबंध होने के शक के कारण वे आफ़िया से पूछताछ करना चाहते हैं. बताया गया है कि वे पिछले पाँच साल से लापता थीं. ख़बरों में बताया गया है कि वर्ष 2003 में अपने तीन बच्चों के साथ कराची में अपने माता-पिता से मिलने गईं आफ़िया ग़ायब हो गई थीं. आफ़िया का परिवार और मानवाधिकार गुट ये मानते हैं कि उन्हें अमरीकी अधिकारियों ने गुप्त तौर पर किसी अज्ञात स्थान पर क़ैद कर रखा था. 'आतंकवादी नही' जब अमरीकी अधिकारी आफ़िया को गिरफ़्तार करने गए तब उन्होंने उन पर दो गोलियाँ चलाईं. उनकी चलाई गोली तो किसी को नहीं लगी लेकिन जवाब में अमरीकी अधिकारी की गोली आफ़िया की छाती में लगी. अधिकारियों के हवाले से ये कहा गया है कि जब आफ़िया को गिरफ़्तार किया गया तब उनके पास से ऐसे दस्तावेज़ मिले जिनमें विस्फोटक बनाने की जानकारी और प्रमुख अमरीकी इमारतों की जानकारी इत्यादि थी. आफ़िया सिद्दीक़ी पर अमरीकी अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमला करने और जान से मार देने की कोशिश करने के आरोप हैं और यदि उन्हें दोषी पाया जाता है तो उन्हें 20 साल तक की जेल हो सकती है. लेकिन आफ़िया की वकील ने उनके ख़िलाफ़ लगे आरोपों को 'एक कहानी' बताया है. वकील एलेन विट्फ़ील्ड का कहना था, "मुझे लगता है कि आफ़िया अमरीकी अधिकारियों के लिए बहुत शर्मिंदगी का कारण बन गई है. लेकिन वो कोई आतंकवादी नहीं है. जब सच सार्वजनिक होगा, जनता को समझ में आ जाएगा कि उसने कुछ भी ग़लत नहीं किया." | इससे जुड़ी ख़बरें मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ जेहाद का ऐलान20 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस विदेशी चरमपंथियों की पहचान का प्रयास19 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस अल क़ायदा का संदिग्ध सदस्य गिरफ़्तार03 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस अल क़ायदा का तंत्र छिन्न-भिन्न: मुशर्रफ़24 फ़रवरी, 2005 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में अमरीका का प्रचार अभियान20 फ़रवरी, 2005 | भारत और पड़ोस 'अल-क़ायदा की साज़िश नाकाम की गई'21 अगस्त, 2004 | भारत और पड़ोस 'अल क़ायदा नेतृत्व की जानकारी मिली'16 अगस्त, 2004 | भारत और पड़ोस अल क़ायदा के ख़िलाफ़ नया अभियान26 मार्च, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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