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अल क़ायदा के ख़िलाफ़ नया अभियान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संदिग्ध अल क़ायदा और तालेबान लड़ाकों को पकड़ने के लिए पाकिस्तान और अमरीका अपनी-अपनी फ़ौजों के और सैनिक तैनात कर रहे हैं. अमरीका अफ़ग़ानिस्तान में लगभग दो हज़ार और मरीन सैनिक भेज रहा है. अमरीकी विदेश मंत्री डॉनल्ड रम्सफ़ेल्ड ने कहा है कि अल क़ायदा पर दबाव बढ़ाया जा रहा है. अफ़ग़ानिस्तान में लगभग 12 हज़ार अमरीकी सैनिक तैनात हैं. उधर पाकिस्तान भी अफ़ग़ानिस्तान सीमा से सटे क़बायली इलाक़े में और सैनिक भेज रहा है. अमरीकी रक्षा मंत्रालय से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ये कदम तब उठाए जा रहे हैं जब अमरीकी सेना ने ओसामा बिन लादेन सहित अल-क़ायदा और तालेबान लड़ाकों की खोज तेज़ कर दी है. उनका कहना है कि अधिकारी इस कदम का ज़्यादा प्रचार नहीं कर रहे और कह रहे हैं कि ये सब पहले बनाई योजना का ही हिस्सा है. अभियान पाकिस्तान में अफ़ग़ान सीमा से सटे वज़ीरिस्तान क्षेत्र में पिछले दो हफ़्ते में पाकिस्तानी सेना ने संदिग्ध अल क़ायदा लड़ाकों और विदेशी चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कई अभियान छेड़े हैं.
हाल में पाकिस्तान सरकार ने वहाँ 14 अर्धसैनिक बलों की रिहाई के लिए चरमपंथियों को गुरूवार सुबह तक का समय दिया था. लेकिन इस समयसीमा के पूरे हो जाने के बाद भी फ़िलहाल कोई कार्रवाई नहीं की गई है. पहले ये अटकलें लगाई जा रही थीं कि ओसामा बिन लादेन का दाहिना हाथ माने जाने वाले अयमन अल-ज़वाहिरी इस क्षेत्र में हो सकते हैं. इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता पॉल एंडरसन का कहना है कि यदि इस बात में कोई सच्चाई थी तो ऐसा प्रतीत होता है कि वे भाग निकले हैं. महत्वपूर्ण है कि गुरुवार को अल-जज़ीरा टीवी चैनल पर अल क़ायदा के नेता अल-ज़वाहिरी का एक कथित टेप प्रसारित किया गया जिसमें पाकिस्तान सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया गया. |
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