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सुरंग से भाग निकले 'अल क़ायदा लड़ाके' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तानी सेना का कहना है कि अल क़ायदा के संदिग्ध लड़ाके अफ़ग़ान सीमा के पास चली मुठभेड़ के दौरान एक सुरंग के रास्ते भाग निकले. पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें कई ऐसी सुरंगें मिली हैं जिनमें से एक तो दो किलोमीटर लंबी है जो दक्षिणी वज़ीरिस्तान के गाँवों के नीचे से गुज़रती है. पिछले कई दिनों से पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान की सीमा पर वज़ीरिस्तान इलाक़े में अल क़ायदा के संदिग्ध लड़ाकों और पाकिस्तानी सेना के बीच मुठभेड़ चल रही है. वाना शहर के पास एक सप्ताह तक लड़ाई चलने के बाद बुज़ुर्ग कबायली नेता इस संघर्ष को रूकवाने की कोशिश कर रहे हैं. पाकिस्तानी सेना का कहना है कि अल क़ायदा के सभी लड़ाकों को आत्मसमर्पण करना ही होगा. अफ़ग़ान सीमा पर पाकिस्तानी सेना का यह अब तक का सबसे बड़ा अभियान है, इस इलाक़े में कबायली सरदार अब तक बिना पाकिस्तानी सरकार के हस्तक्षेप के प्रशासन अपने तरीक़े से चलाते रहे हैं. सुरंग सोमवार को पाकिस्तानी सेना ने ब्रिगिडियर महमूद शाह ने पत्रकारों को बताया कि "दो मानवनिर्मित सुरंगें मिली हैं जो दो किलोमीटर तक लंबी हैं और दो कबायली सरदारों के घरों को जोड़ती हैं." पाकिस्तानी सेना का कहना है कि वज़ीरिस्तान के इलाक़े में लगभग 500 इस्लामी चरमपंथी छिपे हैं और उन्होंने वहाँ मोर्चे बना रखे हैं. पहले यह संदेह व्यक्त किया गया था कि वहाँ अल क़ायदा का कोई बड़ा नेता मौजूद है, यहाँ तक कि ओसामा बिन लादेन के सबसे क़रीबी माने जाने वाले एमन अल ज़वाहिरी के वहाँ होने की संभावना व्यक्त की जा रही थी. अब उनका कहना है कि वहाँ चेचेन्या या उज़्बेकिस्तान का कोई बड़ा इस्लामी चरमपंथी छिपा हो सकता है क्योंकि बड़ी संख्या में मध्य एशियाई लोग गिरफ़्तार किए गए हैं और वायरलेस पर चेचन और उज़्बेक संदेश सुने गए हैं. पूरे इलाक़े में लगभग पाँच हज़ार पाकिस्तानी सैनिक हैं, इनमें से कई सैनिकों के मारे जाने की ख़बर है लेकिन पाकिस्तानी सरकार ने उनकी संख्या नहीं बताई है. |
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