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अफ़ग़ान सीमा पर फिर बड़ी कार्रवाई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान से लगी सीमा पर अल क़ायदा और तालेबान के संदिग्ध चरमपंथियों के ख़िलाफ़ पाकिस्तान की सेना ने एक बार फिर बड़ी सैन्य कार्रवाई की है. पाकिस्तानी सेना ने इस सप्ताह कार्रवाई शुरु की थी. दोनों पक्षों के बीच हुई गोलीबारी में अब तक 16 सैनिकों के मारे जाने और 20 के घायल होने की ख़बरें हैं. हालांकि सेना ने 24 चरमपंथियों को मारने का दावा किया है लेकिन अब तक सिर्फ़ दो विदेशी चरमपंथियों का बरामद किया जा सका है. अर्ध-स्वायत्तशासी क़बायली इलाके वाना में प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ताज़ा कार्रवाई में लगभग 12 हैलिकॉप्टर भाग ले रहे हैं. सेना के अधिकारियों का कहना है कि इस क्षेत्र में और सैनिक भी भेजे गए हैं. उनका कहना है कि दोनो ओर से भारी गोलीबारी हुई है.
अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह से जवाबी कार्रवाई हो रही है उससे लगता है कि इस इलाक़े में अल क़ायदा का कोई बड़ा नेता छिपा हो सकता है. गुरुवार की सुबह सुरक्षा दस्तों ने स्थानीय निवासियों को कुछ घंटों का समय देते हुए कहा कि वे इलाक़ा ख़ाली कर दें. इसके बाद सैकड़ों सैनिक और अर्ध-सैनिक दस्तों ने इस इलाक़ें में बड़ी कार्रवाई की है. पाकिस्तान सेना के अधिकारियों का कहना है कि इस इलाक़े में अभी भी पाँच सौ से अधिक विदेशी चरमपंथी छिपे हो सकते हैं. उनका कहना है कि स्थानीय क़बायलियों ने जब इन चरमपंथियों को सेना को सौंपने से इनकार कर दिया तब यह कार्रवाई शुरु की गई. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि पाकिस्तान में ये इस तरह का सबसे बड़ा सैनिक अभियान है और पाकिस्तान ने लगभग 60 हज़ार सैनिक लगाकर अफ़ग़ानिस्तान के साथ सीमा को 'सील' किया है. इससे पहले भी इस इलाके में सैनिक अभियान हुआ था जिसमें हेलीकॉप्टरों की भी मदद ली गई थी और कम से कम 20 लोगों को गिरफ़्तार किया गया था. उस समय आशंका जताई जा रही थी कि अल क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन और तालेबान प्रमुख मुल्ला उमर इसी इलाक़े में हो सकते हैं. |
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