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अल क़ायदा का संदिग्ध सदस्य गिरफ़्तार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तानी सैनिकों ने एक संदिग्ध अल क़ायदा सदस्य को गिरफ़्तार कर लिया है और एक अन्य को जान से मार दिया है. पाकिस्तान के सूचना मंत्री शेख़ रशीद अहमद का कहना है कि ये व्यक्ति अरब थे लेकिन इनकी राष्ट्रीयता का पता नहीं चल पाया है. यह गिरफ़्तारी इस हफ़्ते के शुरू में बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में एक गोलीबारी की घटना के दौरान की गई. अधिकारी इस बात की जाँच कर रहे हैं कि क्या इनमें से एक व्यक्ति मार्च, 2004 में मैड्रिड बम हमलों में शामिल संदिग्ध सीरियाई नागरिक तो नहीं है. अनाम सरकारी सूत्रों का कहना है कि वे इस बात का पता चला रहे हैं कि क्या गिरफ़्तार किया गया व्यक्ति सीरिया और स्पेन की दोहरी नागरिकता वाला मुस्तफ़ा नसर है जिसका कथित रूप से उस हमले में हाथ था जिसमें 191 लोगों की जानें गई थीं. पाँच लाख डॉलर इनाम अमरीकी सरकार ने इस व्यक्ति के बारे में जानकारी देने वाले को पाँच लाख डॉलर के इनाम की घोषणा की है. इस सीरियाई नागरिक को अबू मुसाब अल सूरी के नाम से भी जाना जाता है. पाकिस्तान में पहले भी अल क़ायदा के कई शीर्ष नेताओं को गिरफ़्तार किया जा चुका है. मई में पाकिस्तान के सुरक्षा अधिकारियों ने अल क़ायदा में नंबर तीन कहे जाने वाले अबू फ़राज लिब्बी को पकड़ा था जिसे अब अमरीकी अधिकारियों के हवाले कर दिया गया है. यह समझा जा रहा है कि ओसामा बिन लादेन किसी क़बायली इलाक़े में छिपे हुए हैं लेकिन पाकिस्तान में पिछले तीन साल से जारी सैन्य अभियान के बावजूद उन्हें पकड़ा नहीं जा सका है. | इससे जुड़ी ख़बरें बुश ने ज़वाहिरी की चेतावनी ख़ारिज की04 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना अल क़ायदा की और हमलों की चेतावनी04 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना अल-क़ायदा ने हमले कराए थे: ज़वाहिरी19 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'ज़रकावी का नंबर दो मारा गया'27 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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