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'अल क़ायदा नेतृत्व की जानकारी मिली' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने अमरीकी पत्रिका टाइम को बताया है कि इस साल मार्च में चरमपंथियों की एक बैठक का पता चलने से अल क़ायदा के दूसरी पंक्ति के नेताओं के बारे में जानकारी सामने आई है. टाइम पत्रिका ने राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के हवाले से लिखा है कि उस बैठक में जिन अभियानों और व्यक्तियों के बारे में चर्चा हुई वे बहुत महत्वपूर्ण हैं. पत्रिका ने कहा है कि चरमपंथियों की यह बैठक क़बायली इलाक़े वज़ीरिस्तान में हुई थी जहाँ पाकिस्तानी सेनाओं ने चरमपंथियों के ख़िलाफ़ अभियान चलाया था. टाइम का यह भी कहना है कि उस बैठक में जिन बड़े चरमपंथियों के बारे में चर्चा हुई उनमें से कई अमरीका और ब्रिटेन में पकड़े जा चुके हैं और कुछ अभी फ़रार हैं. पत्रिका कहती है कि इस बैठक में भाग लेने के लिए दुनिया भर से बड़े चरमपंथी पाकिस्तान गए. वाशिंगटन में पत्रकार शाहीन सहबाई का कहना है कि पाकिस्तानी सेना ने इन ख़बरों का खंडन किया है कि राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने अल क़ायदा के दूसरी पंक्ति के नेतृत्व का भंडाफोड़ होने संबंधी कोई बात कही है. सेना का कहना है कि राष्ट्रपति ने किसी बैठक जैसी कोई बात नहीं की और टाइम पत्रिका ने इस मामले को सनसनीख़ेज तरीक़े से छापा है. शाहीन सहबाई के अनुसार सेना ने कहा कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने विस्फोटकों के एक माहिर के बारे में जानकारी मिलने की बात ज़रूर कही है. शाहीन सहबाई के अनुसार जिन तीन लोगों का ज़िक्र राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने किया उनमें से दो अमरीका और ब्रिटेन में पकड़े जा चुके हैं. साथ ही उनका यह भी कहना है कि पाकिस्तान अमरीका के दबाव में आकर कुछ इस तरह की सूचनाएँ दे रहा है जिससे अमरीका को यह लगे कि चरमपंथियों के बारे में पाकिस्तान की तरफ़ से कुछ ठोस कार्रवाई की जा रहगी है. ख़ासतौर से ऐसा अमरीकी चुनाव को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है. |
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