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अमरीका पर फिर हमले का ख़तरा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका में कुछ प्रमुख आर्थिक संस्थानों के कर्मचारियों से अनुरोध किया गया है कि अल क़ायदा के हमले के ख़तरे के बावजूद वे पहले जैसे काम पर आएँ. वॉशिंगटन डीसी, न्यूयार्क और न्यूजर्सी में सुरक्षा सतर्कता बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त सुरक्षा की व्यवस्था की गई है क्योंकि ख़तरा है कि प्रमुख आर्थिक संस्थान अल क़ायदा के निशाने पर हैं. अमरीका के आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय ने रविवार को संकेत दिया था कि नवंबर में होने वाले अमरीका के राष्ट्रपति पद के चुनाव से पहले पाँच आर्थिक संस्थानों पर हमले हो सकते हैं. अमरीका के आंतरिक सुरक्षा के मंत्री टॉम रिज का कहना था,"कई सूत्रों से काफ़ी विस्तृत गुप्तचर जानकारी मिली है. इसका कोई संकेत नहीं है कि हमले की कोशिश कब होगी लेकिन अगले तीन महीने में ऐसा कभी भी हो सकता है." इनमें न्यूयॉर्क शेयर बाज़ार की इमारत और वॉशिंगटन स्थित अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक के मुख्यालय शामिल हैं. गुप्तचर एजेंसियों के अधिकारियों के अनुसार अल क़ायदा पहले ही इन इमारतों का 'चक्कर लगाकर इनकी बनावट और वहाँ अन्य सुरक्षा प्रबंधों का जायज़ा' ले चुका है. ये जानकारी उस समय आई है जब न्यूयॉर्क का प्रशासन पहले ही जनता और व्यवसायिक संस्थाओं को अल क़ायदा के आत्मघाती हमलों के बारे में सचेत कर चुका है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इसके बाद राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के चुनाव प्रचार में 'आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध' का मुद्दा फिर गरमा गया है. |
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