| बुश प्रशासन अडिग, राजनीतिक मंशा नहीं | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका में बुश प्रशासन ने तीन अमरीकी शहरों में सुरक्षा चौकसी बढ़ाने के पीछे किसी राजनीतिक कारण से इनकार किया है. आंतरिक सुरक्षा मामलों के प्रमुख टॉम रिज का कहना है कि ये फ़ैसला इसलिए लिया गया जिससे लोगों का सरकार में भरोसा बना रहे. रिज को ये बयान इसलिए देना पड़ा क्योंकि इससे पहले ऐसी ख़बरें आई थीं कि अल क़ायदा ने 11 सितंबर से पहले इन तीनों शहरों की कई इमारतों की निगरानी की थी. रिज का कहना था कि अल क़ायदा की संभावित योजनाओं को देखते हुए सुरक्षा चौकसी बढ़ाना ज़रूरी था. मशीन गन लिए पुलिसकर्मी वॉशिंगटन, न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी में लगातार इमारतों की सुरक्षा में चौकन्ने घूमते रहे. बुश प्रशासन हालाँकि अब खुले तौर पर ये मान रहा है कि उसे अल क़ायदा से जुड़ी जो ख़ुफ़िया जानकारी मिली थी वो तीन-चार साल पुरानी थी मगर फिर भी प्रशासन का ज़ोर इस बात पर है कि इससे ख़तरा कम नहीं हो जाता. रिज ने कहा कि सरकार इस अनुमान पर काम कर रही है कि अल क़ायदा के लिए काम करने वाले लोग देश में हैं और उन्होंने इन आरोपों को ख़ारिज कर दिया कि ये चेतावनी अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की संभावनाएँ आगामी चुनाव में बढ़ाने के लिए दी जा रही हैं. उनका कहना था कि आंतरिक सुरक्षा के मामलों में किसी तरह की राजनीति नहीं की जा सकती. बुश प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि निगरानी हो सकता है कि कुछ समय पहले हुई हो मगर ये जानकारी अपने आप में नई है और पाकिस्तान में अल क़ायदा के कुछ संदिग्ध लोगों की गिरफ़्तारी के बाद सामने आई है. मगर अब जबकि राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव सिर्फ़ तीन महीने ही दूर रह गए हैं राजनीतिक अवसरवाद के आरोप इन मामलों में निश्चित रूप से सामने आएँगे. |
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