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अल क़ायदा का तंत्र छिन्न-भिन्न: मुशर्रफ़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि सुरक्षा बलों ने अल-क़ायदा के तंत्र को छिन्न भिन्न कर दिया है. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा कि अल क़ायदा से जुड़े लोग दक्षिणी वज़ीरिस्तान इलाक़े में इधर उधर बचते घूम रहे हैं. उन्होंने दावा किया है कि पाकिस्तान अब इस्लामी चरमपंथियों के ख़िलाफ़ लड़ाई जीत रहा है. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने अल क़ायदा और उसके सहयोगी स्थानीय चरमपंथी गुटों के विरुद्ध पाकिस्तानी सेना की पिछले तीन साल की कार्रवाई को ज़बरदस्त रूप से सफल बताया. उन्होंने बताया कि इस दौरान लगभग 700 से भी अधिक विदेशी आतंकवादी गिरफ़्तार किए गए और सैकड़ों अन्य या तो मारे गए या सीमावर्ती दक्षिणी वज़ीरिस्तान इलाक़े से बाहर कर दिए गए. अभियान राष्ट्रपति ने बताया कि हाल के दिनों में चलाए गए सुरक्षा अभियान में बड़ी सफलता मिली है क्योंकि बाक़ी धार्मिक चरमपंथी अब भागे हुए हैं. मुशर्रफ़ के अनुसार, "उनकी शरणगाह, उनके सत्ता के केंद्र, उनकी कमान, उनके नियंत्रण के ठिकाने और उनके संचार के ठिकाने सब नष्ट कर दिए गए. अब वे पहाड़ियों में छोटे-छोटे इलाक़ों में छिपे हुए हैं. वे जहाँ भी हैं हम उनके विरुद्ध कार्रवाई जारी रखेंगे." राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने स्वीकार किया कि ओसामा बिन लादेन जैसे प्रमुख अल क़ायदा नेता अब भी भागे हुए हैं मगर उनके अनुसार न तो अमरीका और न ही पाकिस्तान के पास इसका कोई सुराग़ है कि वे कहाँ छिपे हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि बिन लादेन को गिरफ़्तार नहीं कर पाने को लेकर मीडिया पाकिस्तान को शक की निगाह से देखता रहा है लेकिन पश्चिमी देशों की सरकारों ने इस दिशा में पाकिस्तान सरकार की कोशिशों की सराहना की है. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने धार्मिक कट्टरपंथ और चरमपंथ में आई तेज़ी को पाकिस्तान की सामाजिक व्यवस्था के लिए ख़तरनाक बताया और कहा कि वह इसका सामना करने के लिए हरसंभव कोशिश करेंगे. |
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