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'पाकिस्तान हमारा सहयोगी है' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री युसुफ़ रज़ा गिलानी से कहा है कि वो अभी भी पाकिस्तान को आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में एक मज़बूत सहयोगी मानते हैं. व्हाइट हाउस में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के साथ मुलाक़ात के बाद राष्ट्रपति बुश ने यह बयान दिया है. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने अमरीकी राष्ट्रपति को आश्वस्त किया कि पाकिस्तान चरमपंथं से लड़ने के लिए पूर्ण रुप से प्रतिबद्ध है. राष्ट्रपति बुश का कहना था कि वो अब भी मानते हैं कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में पाकिस्तान की बड़ी भूमिका है और वो अमरीका का सहयोगी है. बीबीसी के रक्षा मामलों के संवाददाताओं का कहना है कि अमरीका पाकिस्तान को अल क़ायदा और तालेबान के साथ लड़ाई में अपना सबसे अच्छा सहयोगी तो मानता था लेकिन अब दोनों के बीच इस बात पर मतभेद हो गए हैं कि इस समस्या से कैसे निपटा जाए और इसका क्या तरीका हो. पिछले दिनों में पाकिस्तान में चरमपंथी घटनाएं बढ़ी हैं और अफ़गानिस्तान से लगी पाकिस्तान की सीमा पर तालेबान के बढ़ते प्रभाव से अमरीका काफी चिंतित है. राष्ट्रपति बुश ने पूर्व में यह भी कहा था कि वह अफ़गानिस्तान से पाकिस्तान में आ रहे इस्लामी चरमपंथियों के बारे में अत्यंत चिंतित हैं. उल्लेखनीय है कि अफ़गानिस्तान से लगी पाकिस्तान की सीमा पर चरमपंथियों का खासा प्रभाव है और इस इलाक़े में पाकिस्तानी सेना पर भी कई हमले हुए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें मौत की सज़ा से हज़ारों को छुटकारा03 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान को लेकर अमरीकी चिंता11 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस 'पाकिस्तानी ज़मीन का इस्तेमाल नहीं'12 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस तालेबान ने इस्लामिक अदालतें खोलीं16 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस 'परमाणु प्रसार पर मीडिया से बात नहीं'21 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में होगी चरमपंथ पर बहस24 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस 'तालेबान के ख़िलाफ़ क़दम उठाए पाक'25 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस मिसाइल हमले में छह मारे गए 28 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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