|
पाकिस्तान को लेकर अमरीकी चिंता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी सेना के एक वरिष्ठ कमांडर का कहना है कि विदेशी लड़ाके और अलक़ायदा चरमपंथी पाकिस्तान के कबायली इलाक़ों का इस्तेमाल कर रहे हैं. ज्वाइंट चीफ़ ऑफॉ स्टाफ़ के चेयरमैन एडमिरल माइक मुलेन ने कहा है कि पाकिस्तान सरकार चरमपंथियों को अफ़ग़ानिस्तान में घुसने से रोकने के लिए कोई कारगर क़दम नहीं उठा रही है. पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान सीमा पर अमरीकी सैनिकों पर बढ़ते हमलों के बीच उनका यह बयान आया है. संवाददाताओं का कहना है कि अमरीका पाकिस्तान में चरमपंथियों के ठिकानों पर हमले कर सकता है. पिछले महीने अमरीकी सेना ने मिसाइल से कबायली इलाक़े के एक ठिकाने पर हमला किया था. पाकिस्तान इस पर औपचारिक विरोध जता चुका है. इस हमले में ग्यारह पाकिस्तानी सैनिक भी मारे गए थे. अमरीकी रक्षामंत्री रॉबर्ट गेट्स भी कह चुके हैं कि तालेबान से निपटने की कोशिशों में पाकिस्तान की ओर से ढीलापन चिंताजनक है. उन्होंने कहा था कि इस ढीलेपन की वजह से चरमपंथी गतिविधियों में ख़ासी तेज़ी आई है. रॉबर्ट गेट्स ने यह बात अफ़ग़ानिस्तान में बढ़ते चरमपंथी हमलों पर जारी हुई एक रिपोर्ट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कही थी. अमरीका के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने पिछले दिनों अपनी जाँच में पाया है कि पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में इस वर्ष तालेबान के हमलों में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'चरमपंथी नहीं, महिलाएँ, बच्चे मारे गए'11 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस छह दिनों में ढाई सौ से ज़्यादा मौतें10 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस 'तालेबान के हमलों में 40 प्रतिशत वृद्धि'25 जून, 2008 | भारत और पड़ोस 'अफ़ीम से तालेबान की कमाई'24 जून, 2008 | भारत और पड़ोस 'कंधार से तालेबान का सफ़ाया'19 जून, 2008 | भारत और पड़ोस तालेबान के विरुद्ध बड़ा अभियान18 जून, 2008 | भारत और पड़ोस घर-बार छोड़ भाग रहे हैं लोग17 जून, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||