|
घर-बार छोड़ भाग रहे हैं लोग | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिणी प्रांत कंधार में सेना और तालेबान लड़ाकों के बीच संभावित लड़ाई के डर से सैंकड़ों लोग अपना घर छोड़कर भाग गए हैं. चरमपंथियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि तालेबान ने कंधार शहर के अर्ग़न्दाब ज़िले पर नियंत्रण कर लिया है. अफ़ग़ान और उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नैटो) की सेना का कहना है कि वे सैनिकों की तैनाती इस तरह कर रहे हैं कि विद्रोहियों से ख़तरों का सामना किया जा सके. लेकिन अमरीकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना का कहना है कि उसे ज़िले पर तालेबान के नियंत्रण के कोई सबूत नहीं मिले हैं. पिछले शुक्रवार को कंधार के ही जेल से लगभग 350 तालेबान चरमपंथी भागने में सफल रहे थे. उनमें से कुछ को ही पकड़ा जा सका है. हालाँकि अभी ये स्पष्ट नहीं है कि अर्ग़न्दाब में डेरा जमाए लोगों में भगोड़े क़ैदियों की भूमिका है या नहीं. अफ़ग़ान सेना का कहना है कि तीन सौ सैनिकों को कंधार भेजा गया है. और सैनिक अभी भेजे जा रहे हैं. अफ़ग़ानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता जनरल ज़हीर आज़िमी ने बीबीसी को बताया, "तालेबान लगातार जगह बदल रहे हैं. वे किसी एक या दूसरी जगह ज़्यादा समय तक नहीं रह सकते." | इससे जुड़ी ख़बरें करज़ई के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया16 जून, 2008 | भारत और पड़ोस 'पाकिस्तान भेज सकते हैं सैनिकों को'15 जून, 2008 | भारत और पड़ोस तालेबान की रणनीतिक सफलता: नैटो14 जून, 2008 | भारत और पड़ोस तालेबान ने सैकड़ों क़ैदियों को छुड़ाया13 जून, 2008 | भारत और पड़ोस अमरीकी हमले में पाक सैनिक मारे गए11 जून, 2008 | भारत और पड़ोस कंधार में 260 टन हशीश पकड़ी गई11 जून, 2008 | भारत और पड़ोस तीन और ब्रितानी सैनिक मारे गए09 जून, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||