|
कंधार में 260 टन हशीश पकड़ी गई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ान पुलिस और ब्रितानी विशेष बल ने 260 टन हशीश बरामद की है. अधिकारियों का कहना है कि वज़न की दृष्टि से दुनिया में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर नशीली दवा पकड़ी गई है. इससे पहले नशीली दवा बरामद करने का रिकॉर्ड कोलंबिया में बना था जहाँ 81 टन कोकेन पकड़ी गई थी. अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिणी प्रांत कंधार में खंदकों में छिपाकर रखी गई हशीश सोमवार को बरामद की गई. वहाँ हशीश इतने बड़े पैमाने में थी कि उसे नष्ट करने के लिए ब्रितानी जहाज़ों से बम गिराकर उसे नष्ट करना पड़ा. अफ़ग़ान और ब्रितानी अधिकारियों का कहना है कि पकड़ी गई नशीली दवाओं की क़ीमत 40 करोड़ डॉलर यानी कोई 16 सौ करोड़ रुपए है. अफ़ग़ानिस्तान में नैटो के प्रमुख डेविड मैक्कीयरनन का कहना है कि इससे तालेबान के हथियार ख़रीदने की क्षमता पर बुरी तरह असर पड़ेगा. नशीली दवाओं के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. नशीली दवा को ऐसे समय में नष्ट किया गया है जब पेरिस में अफ़ग़ानिस्तान के दानदाता देशों का एक अहम सम्मेलन होने जा रहा है. दुनिया भर में अफ़ग़ानिस्तान में अफ़ीम के उत्पादन पर पहले भी चिंता जताई जाती रही है. इस समय अफ़ग़ानिस्तान दुनिया का सबसे अधिक अफ़ीम पैदा करने वाला देश है. वहाँ अफ़ीम की ज़्यादातर खेती अवैध होती है. | इससे जुड़ी ख़बरें अफ़ीम की खेती पर ब्रिटेन की आपत्ति02 मई, 2008 | भारत और पड़ोस अफ़ीम खेती लेकर संयुक्त राष्ट्र चिंतित06 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस बर्मा में बढ़े अफ़ीम उत्पादन पर चिंता11 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'अफ़ग़ानिस्तान में अफ़ीम उत्पादन बेकाबू'26 जून, 2007 | भारत और पड़ोस नैटो ने विवादित विज्ञापन वापस लिया25 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस विज्ञापन को लेकर नैटो की निंदा24 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान में 'रिकॉर्ड अफ़ीम'02 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||