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सोमवार, 16 जून, 2008 को 06:24 GMT तक के समाचार
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करज़ई के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया
हामिद करज़ई
राष्ट्रपति करज़ई ने पहले भी पाकिस्तान के ख़िलाफ़ कड़े बयान दे चुके हैं
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई के बयान पर चेतावनी जारी करते हुए पाकिस्तान ने कहा है कि वह अपनी सीमा पर कोई हिंसा बर्दाश्त नहीं करेगा.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री युसूफ़ रज़ा गिलानी ने कहा है कि पाकिस्तान किसी दूसरे देशों के मामलों में दख़लंदाज़ी नहीं करता और वह अपने मामलों में भी किसी की दख़लंदाज़ी की अनुमति नहीं देगा.

इससे पहले राष्ट्रपति करज़ई ने कहा था कि पाकिस्तान में चरमपंथियों से निपटने के लिए वो अपने देश के सैनिकों को पाकिस्तान भेज सकता है.

राष्ट्रपति करज़ई ने कहा था कि पाकिस्तानी सीमा से चरमपंथी आकर अफ़ग़ान लोगों को मार रहे हैं और उनके देश को हक़ है कि आत्मरक्षा के लिए वो जवाबी क़दम उठाए.

इस पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री गिलानी का जवाब है कि अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा इतनी लंबी है कि उस पर निगरानी रखना संभव नहीं है.

आत्मरक्षा

अफ़ग़ान राष्ट्रपति ने काबुल में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उनके देश को आत्मरक्षा का अधिकार है.

 जब वो लोग पाकिस्तान से सीमा पार कर यहाँ आकर अफ़ग़ान लोगों को और संयुक्त सेना को मार सकते हैं तो हमें भी अधिकार है कि हम सीमा पार करके उधर जाएँ और उन्हें मारें
हामिद करज़ई

उन्होंने कहा, "जब वो लोग पाकिस्तान से सीमा पार कर यहाँ आकर अफ़ग़ान लोगों को और संयुक्त सेना को मार सकते हैं तो हमें भी अधिकार है कि हम सीमा पार करके उधर जाएँ और उन्हें मारें."

करज़ई ने कहा, "हम एक स्थिर अफ़ग़ानिस्तान चाहते हैं और यह हमारे हित की बात है. हम किस तरह किसी पड़ोसी देश में जाकर उसे अस्थिर करने का प्रयास कर सकते हैं."

राष्ट्रपति करज़ई ने कहा कि तालेबान नेता जहाँ भी हैं उनकी तलाश करने के लिए सरकार तैयार है.

उन्होंने ख़ासतौर से तालेबान नेता बैतुल्ला महसूद का नाम लिया, जो पाकिस्तान के वज़ीरिस्थान में रहते हैं.

"बैतुल्ला महसूद को जान लेना चाहिए कि हम उनको उनके घर जाकर मार सकते हैं और मुल्ला उमर को भी समझ जाना चाहिए."

हामिद करज़ई का बयान कंधार के जेल पर हुए हमले के बाद आया है.

शुक्रवार को तालेबान चरमपंथी जेल पर हमला करके लगभग 1100 क़ैदियों को छुड़ा ले गए. इन क़ैदियों में से 400 तालेबान समर्थक थे.

इस हमले में कई सुरक्षाकर्मियों की जानें गई थीं.

काबुल में बीबीसी संवाददाता क्विल लॉरेंस का कहना है कि अपने पड़ोसी देश के बारे में हामिद करज़ई का यह अब तक का सबसे कड़ा बयान है.

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