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तालेबान ने सैकड़ों क़ैदियों को छुड़ाया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान के कंधार में तालेबान चरमपंथियों ने जेल पर हमला करके सैकड़ों क़ैदियों को छुड़ा दिया है. कंधार के प्रांतीय सभा के अध्यक्ष और राष्ट्रपति हामिद करज़ई के भाई वली करज़ई ने बीबीसी को बताया कि उस समय जेल में एक हज़ार क़ैदी थे और सभी निकल भागे हैं. माना जाता है कि इन क़ैदियों में से 350 तालेबान थे. इस हमले में कई सुरक्षाकर्मियों की जानें गई हैं. अधिकारियों के अनुसार जेल के मुख्य द्वार को उड़ाने के लिए एक लॉरी बम से विस्फोट किया गया और फिर 40 तालेबान जेल के भीतर घुस आए. कंधार शहर में आपातकाल की घोषणा कर दी गई है. पुलिस और सैनिक सड़कों पर गश्त कर रहे हैं और लोगों से कहा गया है कि वे अपने घरों से बाहर न निकलें. जेल प्रमुख अब्दुल क़बीर से समाचार एजेंसी एपी को इस बात की पुष्टि तो की है कि सैकड़ों क़ैदी निकल भागे हैं लेकिन उनका कहना है कि कुछ क़ैदी जेल में ही रुक गए. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जेल का मुख्य दरवाज़ा तोड़ने के लिए जो विस्फोट किया गया वह इतना शक्तिशाली था कि तीन किलोमीटर दूर तक खिड़कियों के शीशे टूट गए. विरोध प्रदर्शन बीबीसी के काबुल संवाददाता का कहना है कि यह ऐसी घटना है जो अफ़ग़ान पुलिस को भी चिंता में डालेगी और दूसरे सुरक्षा बलों को भी. कंधार उन चुनिंदा जगहों में से एक है जहाँ से राष्ट्रपति करज़ई, नैटो और अमरीकी सेना के ख़िलाफ़ विद्रोह कर रहे तालेबान के ख़िलाफ़ जंग लड़ी जा रही है. पिछले ही महीने कंधार जेल में क़ैदियों ने भूख हड़ताल कर दी थी और एक संसदीय दल के आश्वासन पर वह हड़ताल ख़त्म हुई थी कि उनकी माँगें पूरी की जाएँगीं. कोई 400 क़ैदियों का कहना था कि उनको उचित न्याय नहीं मिल रहा है, उनमें से कई लोगों ने प्रताड़ना की भी शिकायत की थी. | इससे जुड़ी ख़बरें हमले में बाल-बाल बचे राष्ट्रपति करज़ई27 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस नक्सलियों समेत कई क़ैदी जेल से फ़रार16 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस जेल में क़ैदी और पुलिसकर्मी भिड़े17 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस जेल पर माओवादी हमला, पाँच की मौत14 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस माओवादियों का हमला, क़ैदियों को छुड़ाया13 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ान क़ैदियों की तलाश12 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस अमरीकी अड्डे से क़ैदी फ़रार11 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस उड़ीसा में नक्सलियों का जेल-थानों पर हमला07 फ़रवरी, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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