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छह दिनों में ढाई सौ से ज़्यादा मौतें | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रेड क्रॉस का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान में पिछले एक हफ़्ते के दौरान चरमपंथी हमलों या सैन्य अभियानों में कम से कम ढाई सौ निर्दोष लोग मारे गए हैं. अंतरराष्ट्रीय राहत और सहायता एजेंसी रेड क्रॉस ने सभी पक्षों से अपील की है कि वे ऐसे उपाय करें जिनसें हताहतों की संख्या कम हो. इस बीच उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नैटो) ने एक अलग बयान जारी कर कहा है कि इस वर्ष शुरु से लेकर अब तक हिंसक घटनाओं में 900 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं. हिंसा की ताज़ा कड़ी में सोमवार को काबुल स्थित भारतीय दूतावास पर हुए आत्मघाती धमाके में 40 से ज़्यादा लोग मारे गए थे. अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई विदेशी सेना से अपील करते रहे हैं कि वे हमलों के दौरान ज़्यादा सावधानी बरतें. रेड क्रॉस ने अपनी विज्ञप्ति में कहा है, "निर्दोषों को किसी भी हमले में निशाना नहीं बनाना चाहिए जब तक कि वो ख़ुद लड़ाई में शामिल हों." रेड क्रॉस के बयान में पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में एक शादी के समारोह के दौरान अमरीकी वायुसेना की बमबारी का ज़िक्र किया गया है जिसमें कई नागरिक मारे गए थे. बयान में कहा गया है, "लक्ष्य निर्धारित करने से पहले पुष्टि कर लेनी चाहिए कि हमले में कम से कम लोग हताहत हों और कम क्षति हो." | इससे जुड़ी ख़बरें अफ़ग़ान राहत योजना में बदलाव होगा06 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान में सांसद की हत्या05 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान के लिए ब्रितानी सहायता बढ़ी03 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस अमरीकी हेलीकॉप्टर को मार गिराया02 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान में सैनिकों पर बढ़ते हमले01 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान में बढ़ते हमलों पर चिंता27 जून, 2008 | भारत और पड़ोस कंधार में धमाका, चार सैनिक मारे गए21 जून, 2008 | भारत और पड़ोस कई गाँवों पर तालेबान का क़ब्ज़ा17 जून, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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