|
कई गाँवों पर तालेबान का क़ब्ज़ा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि सोमवार को दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान के कई गाँवों को क़रीब पाँच सौ तालेबान लड़ाकों ने अपने कब्ज़े में कर लिया है. सैकड़ों लोग घर छोड़ कर भाग गए. कंधार के नज़दीक अरगाँधव ज़िले में ये गाँव स्थित हैं. उल्लेखनीय है कि गत 13 जून को तालेबान ने कंधार के जेल पर हमला कर वहाँ के सभी क़ैदियों को छुड़ा दिया था इसमें क़रीब 350 तालेबान लड़ाके थे. अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जेल से भागे तालेबान लड़ाके भी इस कार्रवाई में शामिल हैं या नहीं. अफ़ग़ानिस्तान और उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नैटो) के अधिकारियों ने कहा है कि जेल से भागे हुए लड़ाकों के 'किसी संभावित ख़तरों' से बचने के लिए वे फिर से सैनिकों को तैनात कर रहे हैं. कंधार पर पूर्व में तालेबान का दबदबा रहा है. यहाँ अफ़ग़ानिस्तान सरकार और नैटो के सेनाओं को तालेबान लड़ाकों से काफ़ी जूझना पड़ा है. एक अन्य घटनाक्रम में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान में अफ़ग़ानिस्तान के राजदूत को बुला कर औपचारिक रूप से अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई के बयान पर अपना विरोध दर्ज करवाया. रविवार को करज़ई ने कहा था कि अफ़ग़ानिस्तान को यह अधिकार है कि वह सीमा पार अपने सैनिकों को भेज कर पाकिस्तान में रह रहे चरमपंथियों को निशाना बनाए. अमरीका का कहना है कि सीमा पार पाकिस्तान से होने वाले हमले चिंता का विषय है. | इससे जुड़ी ख़बरें अफ़ग़ानिस्तान जाएँगे और ब्रितानी सैनिक16 जून, 2008 | पहला पन्ना करज़ई के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया16 जून, 2008 | भारत और पड़ोस 'पाकिस्तान भेज सकते हैं सैनिकों को'15 जून, 2008 | भारत और पड़ोस भागे चरमपंथियों की तलाश तेज़14 जून, 2008 | भारत और पड़ोस तालेबान ने सैकड़ों क़ैदियों को छुड़ाया13 जून, 2008 | भारत और पड़ोस पश्चिम के साथ तनाव नहीं: करज़ई07 फ़रवरी, 2008 | पहला पन्ना नैटो सम्मेलन: अफ़ग़ान रणनीति पर चर्चा03 अप्रैल, 2008 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||