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पाक पर तालेबान की मदद का आरोप | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान भले ही पश्चिमी देशों को लगातार यह विश्वास दिलाने की कोशिश करता रहा हो कि तालेबान चरमपंथियों से उसका कोई ताल्लुक नहीं है पर हाल में आई रिपोर्टों से इस प्रयास को धक्का ही लगा है. इसका ताज़ा उदाहरण है अमरीकी संस्था, आरएएनडी कॉर्पोरेशन की हाल ही सामने आई रिपोर्ट. इस रिपोर्ट में संस्था ने पाकिस्तानी खुफ़िया तंत्र के लोगों के तालेबान चरमपंथियों से मिले होने का आरोप लगाया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तानी खुफ़िया एजेंसी, आईएसअई के सदस्य पड़ोसी देश अफ़ग़ानिस्तान के तालेबान लड़ाकों को आर्थिक मदद मुहैया करा रहे हैं. हालांकि पाकिस्तान ऐसे हर आरोप का खंडन ही करता रहा है. पर पाकिस्तान चरमपंथियों की मदद करने के आरोपों का भी सामना करता रहा है और अमरीकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन की आर्थिक मदद से तैयार रिपोर्ट इसका सबसे ताज़ा उदाहरण है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कुछ पाकिस्तानी एजेंट निजी स्तर पर चरमपंथियों के लिए खुफ़िया जानकारी जुटाने का भी काम कर रहे हैं. रिपोर्ट संकेत देती है कि पाकिस्तानी सूत्र तालेबान लड़ाकों को अफ़ग़ानिस्तान की सेना और विदेशी सेनाओं के बारे में जानकारी देता रहा है जिससे कुछ अमरीकी और नैटो सेना अभियान प्रभावित हुए हैं. इतना ही नहीं, आईएसआई के सदस्यों पर यह आरोप भी लगाया गया है कि उन्होंने घायल चरमपंथियों के लिए चिकित्सकीय मदद और आर्थिक मदद उपलब्ध कराने का भी काम किया है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'पाकिस्तान चरमपंथियों को शरण दे रहा है'05 जून, 2008 | भारत और पड़ोस 'तालेबान विरोधी अभियान अभावग्रस्त'03 जून, 2008 | भारत और पड़ोस 'युद्धविराम अब भी बरक़रार'24 मई, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में पत्रकार की 'हत्या'23 मई, 2008 | भारत और पड़ोस पाक में चरमपंथियों से समझौता21 मई, 2008 | भारत और पड़ोस 'नागरिक मर रहे हैं अफ़ग़ानिस्तान में'05 मई, 2008 | भारत और पड़ोस 'पाकिस्तान चरमपंथियों पर कार्रवाई करे'03 मई, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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