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'पाकिस्तान चरमपंथियों पर कार्रवाई करे' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान ने पाकिस्तान से कहा है कि वो अपने इलाक़ों से होने वाले चरमपंथी हमलों पर रोक लगाए. पाकिस्तान तालेबान के साथ शांति समझौता चाहता है. हालाँकि अफ़ग़ानिस्तान ने तालेबान के साथ शांति समझौते की पाकिस्तान सरकार की कोशिशों का समर्थन किया है. अफ़ग़ान रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि इस तरह के प्रयासों का वो समर्थन करता है लेकिन पाकिस्तान को चाहिए कि वो अपनी सरज़मीं का इस्तेमाल अफ़ग़ानिस्तान में हमले करने के लिए न होने दे. पाकिस्तान सरकार अफ़ग़ानिस्तान से सटे कबायली इलाक़े में तालेबान लड़ाकों के साथ किसी तरह के शांति समझौते की कोशिश कर रहा है. अफ़ग़ानिस्तान की चिंता ये है कि इस तरह के समझौते से उसकी सीमा में होने वाले हमले नहीं रुकेंगे और पाकिस्तानी सीमा से चरमपंथियों की घुसपैठ जारी रह सकती है. रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है, "अफ़ग़ानिस्तान ऐसी किसी भी कोशिश का समर्थन करता है जिससे क्षेत्र में शांति और स्थिरता आए लेकिन ऐसा तभी होगा जब ऐसे प्रयासों से अफ़ग़ानिस्तान में चरमपंथी गतिविधियाँ और तेज़ न हो." अफ़ग़ानिस्तान सरकार ने वर्ष 2006 में वज़ीरिस्तान में चरमपंथियों के साथ हुए समझौते का हवाला दिया है जो सफल नहीं हो सका. अफ़ग़ान सरकार का कहना है कि इस समझौते का फायदा उठाकर चरमपंथियों ने अपने आप को संगठित किया और सैंकड़ों लोगों की जानें ली. | इससे जुड़ी ख़बरें हमले में बाल-बाल बचे राष्ट्रपति करज़ई27 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस तालेबान से बातचीत पर अमरीका चिंतित23 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान का एक बड़ा 'चरमपंथी' रिहा22 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस तालेबान का एक कमांडर ग़िरफ़्तार07 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस 'फिर मज़बूत हो रही है तालेबान की पकड़'28 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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