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'पाकिस्तान में चरमपंथियों को पनाह' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्री रांगिन स्पांटा ने तालेबान समर्थक चरमपंथियों से समझौता करने के लिए पाकिस्तान की आलोचना की है. पाकिस्तान सरकार ने अफ़ग़ानिस्तान से सटी सीमा पर सक्रिय चरमपंथियों के साथ हाल ही में एक समझौता किया है. पाकिस्तानी विदेश मंत्री महमूद क़ुरैशी से बातचीत से एक दिन पहले स्पांटा ने बीबीसी से कहा कि पाकिस्तान 'आतंकवादियों' को खुली छूट दे रहा है. उनका कहना था कि पाकिस्तान सरकार के फ़ैसले से चरमपंथियों की ताकत बढ़ेगी और वे अफ़ग़ान सीमा में और हमले करेंगे. स्पांटा ने कहा, "मेरा मानना है कि तुष्टिकरण एक ग़लत नीति है. हम शांति कायम कर सकते हैं लेकिन हमें ठोस आधार पर आगे बढ़ना चाहिए." उनका कहना था कि तालेबान के साथ समझौते से चरमपंथी अंतरराष्ट्रीय समुदाय के ख़िलाफ़ मुहिम तेज़ कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार पाकिस्तान के साथ अच्छे रिश्ते चाहती है. साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि पाकिस्तान में कुछ लोग आतंकवाद को विदेश नीति का हिस्सा बनाना की कोशिश कर सकते हैं. रांगिन स्पांटा का कहना था, "ये ग़लत है और यह अफ़ग़ानिस्तान की स्थिरता के लिए सीधा ख़तरा है." अफ़ग़ान अधिकारी पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई पर घरेलू मामलों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें 'युद्धविराम अब भी बरक़रार'24 मई, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में बम हमला, पाँच घायल20 मई, 2008 | भारत और पड़ोस 'पाकिस्तान चरमपंथियों पर कार्रवाई करे'03 मई, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान का एक बड़ा 'चरमपंथी' रिहा22 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस तालेबान का एक कमांडर ग़िरफ़्तार07 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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