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अब्दुल क़दीर ख़ान घर से निकले | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान सरकार ने देश के परमाणु कार्यक्रम के पूर्व मुखिया डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान को अपने घर से बाहर निकलने की इजाज़त दी है और ऐसा कई वर्षों के बाद किया गया है. कुछ वर्ष पहले डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान ने कथित रूप से यह स्वीकार किया था कि वह पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के राज़ और तकनीक कुछ अन्य देशों को बेचने में शामिल रहे हैं. डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान ने वर्ष 2004 में सार्वजनिक रूप से एक टेलीविज़न प्रसारण में यह बात स्वीकार की थी कि वह परमाणु प्रौद्योगिकी की बिक्री में शामिल रहे हैं. राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान को आम माफ़ी दे दी थी जिसके बाद उन्हें नज़रबंद कर दिया गया था. उसके बाद से डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान अपने इस्लामाबाद घर में नज़रबंद हैं और ना तो उनसे किसी को मिलने की इजाज़त दी गई है और न ही वह ख़ुद किसी से संपर्क कर सकते हैं यानी डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान एक तरह से बाहरी दुनिया से बिल्कुल कटे हुए हैं. डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान को जब सरकार ने घर से निकलने की इजाज़त दी तो उन्होंने बुधवार को एक विज्ञान अकादमी का दौरा किया. डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान की पत्नी ने बीबीसी को बताया कि उनके पति अपने एक सहयोगी की मौत पर शोक व्यक्त करना चाहते थे. विज्ञान अकादमी के अधिकारियों ने कहा है कि इस मौक़ पर वे लोग डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान को देखकर आश्चर्यचकित रह गए. डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान की पत्नी ने कहा कि उनके पति बाहर निकलने पर बेहद ख़ुश नज़र आए लेकिन उन्हें अभी यह पता नहीं है कि डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान को क्या सिर्फ़ एक दिन के लिए घर से बाहर निकलने की इजाज़त मिली या इस बारे में सरकारी की नीति में कुछ बदलाव आएगा. श्रीमती ख़ान ने यह भी कहा कि डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान को अब अपने कुछ घनिष्ठ दोस्तों और बेटी से नियमित रूप से मिलने की इजाज़त मिलती है. किसकी ज़िम्मेदारी? उधर पाकिस्तानी सेना के एक प्रवक्ता से जब इस बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि यह सेना से संबंधित मामला नहीं है और इस बारे में आंतरिक मामलों के मंत्रालय या विदेश मंत्रालय से संपर्क किया जाना चाहिए. हालाँकि आंतरिक मामलों के मंत्रालय के सचिव ने कहा कि उन्होंने न तो डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान पर कोई पाबंदियाँ लगाई हैं और न ही पाबंदियाँ हटाने से उनका कोई संबंध है. बहुत से लोगों का यह भी ख़याल है कि डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान की परिस्थितियों में यह बदलाव शायद नई सरकार की वजह से भी आ रहा हो. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने अप्रैल में डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान की बढ़ती उम्र और ख़राब स्वास्थ्य का ख़ास ज़िक्र किया था और यह दलील दी थी कि डॉक्टर ख़ान को अपने घर से अपनी मर्ज़ी से बाहर जाने और आने की इजाज़त मिलनी चाहिए. अमरीका सहित कुछ पश्चिमी देशों का मानना है कि हालाँकि डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान ने स्वीकारोक्ति कर ली थी लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परमाणु प्रसार में पाकिस्तान की भूमिका से संबंधित बहुत से सवालों का जवाब अभी नहीं मिला है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'डॉक्टर क़दीर ख़ान की जान को ख़तरा' 06 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस 'क़दीर ख़ान को नहीं सौंपेंगे'31 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस क़दीर ख़ान की तबीयत ख़राब29 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस पाकिस्तानी परमाणु विशेषज्ञ को कैंसर 23 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस परमाणु जानकारी लीक की जाँच ख़त्म02 मई, 2006 | भारत और पड़ोस क़दीर ने उपकरण और 'डिज़ाइन' दिए थे24 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान परमाणु पुर्ज़े सौंपने पर सोचेगा25 मार्च, 2005 | भारत और पड़ोस 'क़दीर ख़ान ने परमाणु उपकरण दिए'10 मार्च, 2005 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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