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'डॉक्टर क़दीर ख़ान की जान को ख़तरा' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के परमाणु वैज्ञानिक डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान के वकील ने आशंका प्रकट की है कि उन्हें मार डालने की साज़िश रची जा रही है. पिछले कुछ वर्षों से अपने घर में नज़रबंद डॉक्टर ख़ान के वकील इक़राम चौधरी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्हें आशंका है कि पाकिस्तान में सरकार बनने से पहले उन्हें ख़त्म करने की कोशिश हो सकती है. चौधरी का कहना है कि अगर डॉ ख़ान को कुछ हुआ तो राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ समेत तमाम सरकारी अधिकारियों के ख़िलाफ क़त्ल का मामला दर्ज कराया जाएगा. उन्होंने कहा, "पाकिस्तान की मौजूदा हुकूमत को डर लग रहा है कि उनका यह ड्रामा लोगों के सामने आ जाएगा, उन्होंने अमरीकी दबाव में डॉक्टर ख़ान को ग़ैर-क़ानूनी तरीक़े से हिरासत में रखा है, परवेज़ मुशर्रफ़ सहित तमाम जनरल इसके लिए ज़िम्मेदार होंगे, हमें सचमुच लगता है कि उनकी जान को ख़तरा है." इक़राम चौधरी ने कहा, "अगर ख़ुदा न ख़्वास्ता उन्हें कुछ हो गया तो हम इन लोगों के ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज कराएँगे." पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के जनक कहे जाने वाले वैज्ञानिक अब्दुल क़दीर ख़ान ने ख़ुद ही स्वीकार कर लिया था कि वे उत्तर कोरिया, लीबिया और ईरान को परमाणु जानकारियाँ दे चुके हैं. डॉक्टर ख़ान के इस इक़बालिया बयान के बाद राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने उन्हें माफ़ी दे दी थी और उन्हें 'सुरक्षा कारणों से' उन्हें उनके ही घर में ही नज़रबंद कर दिया गया था. इक़राम चौधरी का कहना है कि डॉक्टर ख़ान से बाहर के किसी व्यक्ति को लंबे समय से मिलने नहीं दिया गया है और वे भी उनसे नहीं मिल सके हैं. डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान पिछले कुछ समय से बीमार भी चल रहे हैं और उन्हें कई बार अस्पताल में भर्ती कराया गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें क़दीर ख़ान का ऑपरेशन होगा06 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस क़दीर ख़ान का 'नेटवर्क' नष्ट करें: राइस17 मार्च, 2005 | भारत और पड़ोस क़दीर ख़ान को कोई रियायत नहीं 10 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस परमाणु तकनीक मामले में गिरफ़्तारी29 मई, 2004 | भारत और पड़ोस परमाणु सुरक्षा को लेकर नया क़ानून05 मई, 2004 | भारत और पड़ोस सम्मान के शिखर से पतन तक23 दिसंबर, 2003 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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