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क़दीर ख़ान की तबीयत ख़राब | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के परमाणु वैज्ञानिक अब्दुल क़दीर ख़ान के परिजनों का कहना है कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है और उनके इलाज़ की ज़रूरत है. क़दीर ख़ान की बहन रज़िया हुसैन ख़ान ने बीबीसी को बताया उनके भाई मूत्र और मांसपेशियों से संबंधित बीमारी से जूझ रहे हैं. तीन दिन पहले ही सरकार ने कहा था कि क़दीर ख़ान को स्वास्थ्य संबंधी कोई तकलीफ़ नहीं है. वर्ष 2004 में परमाणु तकनीक की जानकारी अन्य देशों को लीक करने की बात स्वीकार करने के बाद से ही वो अपने घर में नज़रबंद हैं. प्रोस्टेट कैंसर होने के बाद सितंबर में उनका ऑपरेशन किया गया. चिंता रज़िया हुसैन ने क़दीर ख़ान की तबीयत पर सरकारी नज़रिए के बारे में कहा, "वो झूठ बोल रहे हैं. मेरे भाई बिल्कुल भी ठीक नहीं हैं." उनका कहना है कि क़दीर ख़ान लंबे अरसे से नज़रबंद रहने के कारण मानसिक रूप से काफी परेशान हैं. रज़िया कहती हैं कि वो सरकार के रवैये से ख़ासा चिंतित हैं. उन्होंने कहा, "क़दीर ख़ान ने पाकिस्तान को बचाने के लिए सबकुछ किया और अब उनके साथ ऐसा बुरा बर्ताव हो रहा है." पिछले 26 नवंबर को पाकिस्तानी सेना ने बयान जारी कर कहा था कि डॉक्टरों की टीम ने क़दीर ख़ान का स्वास्थ्य परीक्षण किया है. बयान में कहा गया है, "डॉक्टरों ने पाया कि क़दीर ख़ान अच्छे मूड में हैं और उनकी तबीयत बिल्कुल ठीक है." | इससे जुड़ी ख़बरें क़दीर ख़ान का ऑपरेशन होगा06 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस क़दीर ख़ान का 'नेटवर्क' नष्ट करें: राइस17 मार्च, 2005 | भारत और पड़ोस क़दीर ख़ान को कोई रियायत नहीं 10 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस परमाणु तकनीक मामले में गिरफ़्तारी29 मई, 2004 | भारत और पड़ोस परमाणु सुरक्षा को लेकर नया क़ानून05 मई, 2004 | भारत और पड़ोस सम्मान के शिखर से पतन तक23 दिसंबर, 2003 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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