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राहुल की 'भारत की खोज' यात्रा शुरु | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सांसद और कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी अपनी 'भारत की खोज' यात्रा उड़ीसा के एक पिछड़े ज़िले नुआपाड़ा से कर दी है. यूपीए की चेयरमैन सोनिया गांधी के बेटे और गांधी परिवार के तीसरी पीढ़ी के राजनीतिज्ञ राहुल गांधी ने यात्रा की शुरुआत के लिए नुआपड़ा के सीनापाली का चयन ख़ुद किया है. यह वही जगह है जहाँ जाकर उनके पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने ग़रीबी और भुखमरी का जायज़ा लिया था. तब उनके साथ सोनिया गांधी भी थीं. इसी के बाद राजीव गांधी ने कोरापुट-बोलांगीर-कालाहांडी ज़िलों के लिए एक सहायता योजना शुरु की थी जिसे केबीके योजना के नाम से जाना जाता है. इससे बीस साल पहले 1966 में जब कालाहांडी में भीषण अकाल पड़ा था तो इंदिरा गांधी ने सोनापाली की यात्रा की थी. भारत की खोज उड़ीसा में चुनावी वर्ष शुरु हो चुका है और ऐसे समय में राहुल गांधी की यात्रा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. वे अपनी यात्रा के दौरान राज्य के 13 ज़िलों की यात्रा करेंगे. शुक्रवार को नुआपाड़ा के सीनापाली गाँव से अपनी यात्रा की शुरुआत करते हुए राहुल गाँधी ने एक स्वयंसेवी संस्था की सहायता से लोगों के बनाए स्टॉप डैम से की है. उन्होंने आदिवासियों और किसानों से मुलाक़ात की है और उनको आने वाली समस्याओं को जानने की कोशिश की है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस यात्रा के दौरान राहुल गांधी लगातार कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मिलते रहेंगे और युवाओं, आदिवासियों और किसानों से जगह-जगह चर्चा करेंगे. कांग्रेस के नेताओं में इस यात्रा को लेकर काफ़ी उत्साह है और वे मानते हैं कि राहुल गांधी की यात्रा पार्टी संगठन में जान फ़ूँक देगी. हाल ही में नयागढ़ में हुई नक्सली हिंसा के बाद राहुल गांधी की यात्रा को लेकर कांग्रेस नेताओं ने सुरक्षा की चिंता ज़ाहिर की थी, लेकिन यात्रा कार्यक्रम में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है. राहुल गांधी की यात्रा ऐसे कई जगहों से गुज़रेगी जिसे नक्सल प्रभावित माना जाता है. स्थानीय पत्रकार संदीप साहू का कहना है कि उड़ीसा के इस इलाक़े से गांधी परिवार का भावनात्मक रिश्ता रहा है लेकिन पिछले तीन लोकसभा और दो विधानसभा चुनावों में गांधी परिवार के सदस्यों को देखने-सुनने तो लोग इकट्ठे हुए हैं लेकिन कांग्रेस को वोट नहीं मिल सके हैं. उनका कहना है कि राहुल गांधी के सामने चुनौती है कि वे उड़ीसा में भीड़ को वोट में बदल सकें क्योंकि इससे पहले वे उत्तर प्रदेश में ऐसा करने में विफल हो चुके हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें लंबी पारी खेलने आया हूँ : राहुल गांधी05 मई, 2007 | भारत और पड़ोस राहुल गांधी भविष्य हैं: मनमोहन सिंह16 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस बाबरी मस्जिद पर राहुल गांधी के बयान के मायने21 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस 'बाबरी मस्जिद नहीं गिरी होती अगर'...19 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस राहुल गांधी को लेकर अटकलें जारी02 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस राहुल का पार्टी पद लेने से इनकार23 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस जनता करेगी योग्यता का फ़ैसला: राहुल12 अप्रैल, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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