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अमिताभ बच्चन के दफ़्तर पर हमला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुंबई में अमिताभ बच्चन के दफ़्तर पर हमले की ख़बर है. शुक्रवार रात को जुहू स्थित एबीसीएल के दफ़्तर पर कुछ लोगों ने बोतल फेंके. पुलिस का कहना है कि उनके पास इस बारे में शिकायत की गई है और अधिकारी इसकी जाँच कर रहे हैं. एबीसीएल का दफ़्तर जुहू में अमिताभ के घर जलसा के पीछे स्थित है. पुलिस आयुक्त विनायक चौबे ने बताया है कि कुछ लोगों ने अमिताभ के दफ़्तर पर बोतल फेंका है. उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, "हमें एबीसीएल के दफ़्तर में बोतल फेंकने की ख़बर मिली है. हमने मामले की जाँच के लिए पुलिस अधिकारियों को भेजा है." इस बीच अमिताभ बच्चन के क़रीबी मित्र और समाजवादी पार्टी के नेता अमर सिंह ने कहा है कि इस हमले के पीछे महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे का हाथ है. बयानबाज़ी पिछले महीने भी अमिताभ बच्चन के बंगले प्रतीक्षा पर अज्ञात लोगों ने बोतलें फेंकी थी. इस घटना के कुछ दिन पहले ही महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने उत्तर भारतीयों के ख़िलाफ़ मोर्चा खोला था और अमिताभ बच्चन पर भी सवाल उठाए थे.
राज ठाकरे ने कहा था कि अमिताभ बच्चन ने मुंबई के लिए काफ़ी कम काम किया है. उत्तर भारतीयों के ख़िलाफ़ उनकी टिप्पणी को लेकर काफ़ी विवाद हुआ था. मुंबई में उत्तर भारतीय टैक्सी ड्राइवरों और खोमचेवालों को भी निशाना बनाया गया था. बाद में महाराष्ट्र सरकार ने राज ठाकरे की गिरफ़्तारी का आदेश दिया लेकिन राज ठाकरे को कुछ ही घंटे बाद ज़मानत भी मिल गई थी. बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर भारतीयों के ख़िलाफ़ बयानबाज़ी करने के लिए राज ठाकरे को फटकार लगाई थी. | इससे जुड़ी ख़बरें उत्तर भारतीयों पर फिर भड़के राज ठाकरे09 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस 'हीन भावना है झगड़े की जड़ में'04 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस राज ठाकरे के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज04 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस अब यूपी वालों से नाराज़ हुए राज ठाकरे02 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस ऐश के नाम पर महिला डिग्री कॉलेज26 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस ज़मीन पर अमिताभ का दावा ख़ारिज11 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस अमिताभ ने ज़मीन का दावा छोड़ा12 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस अमिताभ की अर्ज़ी पर यूपी पहुँची पुलिस20 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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