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तालेबान से बातचीत पर आलोचना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान में कंधार प्रांत के गर्वनर ने तालेबान से बातचीत करने की कोशिश के लिए ब्रिटेन की आलोचना की है. कंधार तालेबान का गढ़ माना जाता है. कंधार के गवर्नर असदुल्ला खालिद ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि जिस तरह दो यूरोपीय विशेषज्ञों ने बातचीत की कोशिश की वो ग़लत था और इसीलिए उन्हें पिछले साल निष्कासित कर दिया गया. इनके निष्कासन से ब्रिटेन और अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई के बीच रिश्ते और ख़राब हो गए थे. इसके बाद करज़ई ने अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि के तौर पर पैडी एश्डाउन की नियुक्ति को अस्वीकार कर दिया था. अफ़ग़ानिस्तान मामले के जानकार माने जाने वाले दो विशेषज्ञों को उस समय निष्कासित किया गया जब पता चला कि वो ब्रिटेन के पक्ष में किसी तरह की सौदेबाजी के लिए तालेबान कमांडरों से बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं. असदुल्ला खालिद ने कहा कि उन दोनों विशेषज्ञों का फ़ैसला ग़लत था. उनका कहना है कि तालेबान से बातचीत के लिए किसी रास्ते पर पहुँचना महत्वपूर्ण है लेकिन ये सिर्फ़ अफ़ग़ान ही कर सकते हैं. उन्होंने कहा, "हम सुलह शांति के लिए बातचीत कर रहे हैं, चरमपंथियों को और ताकत देने के लिए नहीं." | इससे जुड़ी ख़बरें कंधार में फिर हमला, 35 लोगों की मौत18 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस कंधार में आत्मघाती हमला, 100 की मौत17 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान के 'परमाणु कर्मचारी' लापता12 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान के राजदूत लापता11 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस वज़ीरिस्तान में 'संघर्षविराम' की घोषणा07 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस अफ़ीम की खेती पर चिंता06 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस अमरीका ने जर्मनी से और सैनिक मांगे01 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस वरिष्ठ अल क़ायदा नेता की मौत31 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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